Amit Shah: असम में इसी साल चुनाव होने हैं. जिसको लेकर सभी पार्टियों ने कमर कस ली है. इसी बीच देश के गृहमंत्री अमित शाह ने असम के युवाओं को लेकर बड़ी जानकारी साझा की. उन्होंने कहा कि असम की भाजपा सरकार ने असम में बिना खर्ची-पर्ची के 1 लाख 65 हजार नौकरियां दी.
अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर गृहमंत्री अमित शाह ने असम की सरकार को सुशासन की सरकार बताते हुए लिखा,
असम में भाजपा सरकार ने बिना खर्ची-पर्ची 1 लाख 65 हजार युवाओं को नौकरी दी है. इस पूरी भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक भी कोर्ट केस नहीं हुआ, जो भाजपा के पारदर्शी सुशासन की मजबूत मिसाल है.
असम में भाजपा सरकार ने बिना खर्ची-पर्ची 1 लाख 65 हजार युवाओं को नौकरी दी है। इस पूरी भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक भी कोर्ट केस नहीं हुआ, जो भाजपा के पारदर्शी सुशासन की मजबूत मिसाल है : केंद्रीय गृह मंत्री श्री @AmitShah जी pic.twitter.com/PdbCJma4fJ
— Office of Amit Shah (@AmitShahOffice) March 18, 2026
असम में दिखा बड़ा उलटफेर
इसी बीच असम की राजनीति में एक और बड़ा उलटफेर देखने को मिला. असम कांग्रेस के बड़े नेता और पूर्व सांसद प्रद्युत बोरदोलोई जो हाल ही में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं, उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की.
गृहमंत्री से मुलाकात के दौरान बोरदोलोई के साथ असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी मौजूद रहे. बोरदोलोई ने बीजेपी में शामिल होने के सवाल पर कहा कि उन्होंने यह फैसला मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के कामकाज से प्रभावित होकर लिया.
कांग्रेस को सुनाई खरी-खोटी
इस दौरान कांग्रेस में अपने अनुभवों पर रोष प्रकट करते उन्होंने कांग्रेस को जमकर खरी-खोटी सुनाई. उन्होंने कांग्रेस पर सम्मान नहीं करने का आरोप लगाया. बोरदोलोई ने कहा,
कांग्रेस में उन्हें वो सम्मान नहीं मिला जिसके वो हकदार थे. इसलिए उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने का निर्णय लिया.
बोरदोलोई ने आगे कहा कि कांग्रेस में रहते हुए उन्हें बेहद मानसिक परेशानियों से गुजरना पड़ा. पार्टी के भीतर की समस्याएं और पहचान की कमी लंबे समय से उन्हें परेशान कर रही थीं, जिसके चलते उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया.
-भारत एक्सप्रेस
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