केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NIDM) के गवर्निंग बॉडी की तीसरी बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जीरो कैजुअल्टी’ विजन को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि NIDM अब शोध, नवाचार, नीति समर्थन, प्रशिक्षण और सहयोग का राष्ट्रीय केंद्र बन चुका है.
अमित शाह ने जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग से उत्पन्न आपदाओं से निपटने के लिए हर संबंधित विभाग में एक विशेष सेल स्थापित करने का निर्देश दिया. इसका उद्देश्य गांवों और शहरों को आपदा-प्रतिरोधी बनाना है. उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में आपदा प्रबंधन की सोच और तरीके में व्यापक बदलाव आया है. अब राहत और पुनर्वास के बजाय जोखिम कम करने, अर्ली वार्निंग सिस्टम और शून्य हताहतों पर फोकस है.
Chaired a 3rd meeting of the Governing Body of the National Institute of Disaster Management. Under Modi Ji’s vision of ‘Zero Casualty’ in disasters, NIDM has become a national centre for research, innovation, policy support, training and cooperation.
Directed the setting up of… pic.twitter.com/DkN2KEcEEe
— Amit Shah (@AmitShah) September 10, 2026
बैठक में गृह सचिव गोविंद मोहन, NDMA के सदस्य, NDRF के महानिदेशक, IMD के महानिदेशक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. शाह ने NIDM को वैश्विक शोध का अध्ययन कर भारत की स्थानीय जरूरतों के अनुसार लागू करने को कहा. उन्होंने कृषि विभाग को पाकिस्तान से आने वाले टिड्डी हमलों के लिए स्थायी तैयारियां रखने का भी निर्देश दिया.
NIDM के कार्यकारी निदेशक मधुप व्यास ने मंत्री का स्वागत करते हुए संस्थान के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यों की जानकारी दी. अमित शाह ने जोर दिया कि NDMA और NIDM की भूमिका आने वाले दिनों में और महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि जलवायु परिवर्तन के कारण आपदाओं की संख्या बढ़ने की आशंका है.
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