नई दिल्ली, 13 सितंबर 2025: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हिंदी दिवस के अवसर पर एक ट्वीट के माध्यम से हिंदी भाषा की भूमिका पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि हिंदी ने राष्ट्र को भाषाई तौर पर संगठित करने में अभूतपूर्व योगदान दिया है और जनसंपर्क व जनसंवाद को बढ़ावा दिया है.
हिंदी ने राष्ट्र को भाषाई तौर पर संगठित बनाकर जनसंपर्क और जनसंवाद को बढ़ावा देने में अभूतपूर्व भूमिका निभाई है। हिंदी दिवस के अवसर पर कल गांधीनगर में पाँचवें अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में देश भर के विद्वानों, भाषा प्रेमियों, शोधार्थियों और राजभाषा हिंदी को व्यापक बनाने में…
— Amit Shah (@AmitShah) September 13, 2025
गृह मंत्री अमित शाह ने 14 सितंबर को गांधीनगर में होने वाले पांचवें अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन की घोषणा की, जहां वे देश भर के विद्वानों, भाषा प्रेमियों, शोधार्थियों और हिंदी को समृद्ध करने में योगदान देने वालों से संवाद करेंगे.
सम्मेलन का उद्देश्य और तैयारी
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदी को राजभाषा के रूप में और मजबूत करना है. समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, यह आयोजन गांधीनगर में पहली बार आयोजित हो रहा है, जो हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सम्मेलन में हिंदी साहित्य, शिक्षा और प्रौद्योगिकी में इसकी भूमिका पर चर्चा होगी. इसके अलावा, सरकार हिंदी को डिजिटल युग में प्रासंगिक बनाए रखने के लिए नई पहल शुरू करने की योजना बना रही है.
सोशल मीडिया पर इस घोषणा को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखी जा रही हैं. कुछ लोगों ने हिंदी को एकता का प्रतीक बताया, जबकि अन्य ने संस्कृत जैसे प्राचीन भाषाओं पर ध्यान देने की मांग उठाई. यह सम्मेलन हिंदी के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. कुल मिलाकर, यह आयोजन हिंदी के प्रति राष्ट्रीय गर्व और समर्पण को दर्शाता है.
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