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‘झारखंड पुलिस से नहीं होगा…’, कैरव गांधी केस में विधायक सरयू राय ने अमित शाह को टैग कर की केंद्रीय एजेंसियों को उतारने की मांग

जमशेदपुर में कारोबारी देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी के अपहरण ने शहर में खौफ पैदा कर दिया है. पांच दिन बीतने के बावजूद पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला है.

Amit Shah

जमशेदपुर में इन दिनों खौफ का माहौल है. शहर के कारोबारी देवांग गांधी के 24 साल के बेटे, कैरव गांधी के अपहरण को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस के पास अब तक कोई ठोस जवाब नहीं है. मंगलवार को हुई इस वारदात ने ना केवल पुलिस पर सवाल खड़ा कर दिया हैं, बल्कि शहर के व्यापारियों और आम लोगों की नींद भी उड़ा दी है.

कैरव गांधी के गायब होने के बाद से पुलिस लगातार दबिश देने का दावा कर रही है. शनिवार की देर रात संदेह के आधार पर तीन लोगों को हिरासत में जरूर लिया गया है, लेकिन कैरव कहां है? इस सवाल का जवाब अब भी धुंधला है. जांच के लिए पुलिस ने कोई कसर नहीं छोड़ी है. सात स्पेशल टीमें बनाई गई हैं जो झारखंड के साथ-साथ बिहार, बंगाल और ओडिशा में खाक छान रही हैं. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, कॉल डंप चेक हो रहे हैं, लेकिन किडनैपर्स अब भी पुलिस की पहुंच से दूर हैं.

बता दें कि अपहरण के तुरंत बाद घरवालों को एक विदेशी नंबर से कॉल आया था, जिसमें 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी. इस ‘इंटरनेशनल कनेक्शन’ ने केस को और भी पेचीदा बना दिया है.

क्या यही है निवेश का माहौल?

इस घटना ने झारखंड की राजनीति में भी उबाल ला दिया है. विपक्ष ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर हेमंत सोरेन सरकार को आड़े हाथों लिया है. केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब राज्य में प्रतिष्ठित परिवारों के बच्चे ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी का क्या होगा? उन्होंने मुख्यमंत्री के विदेश दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ सरकार बाहर जाकर निवेशकों को बुला रही है, वहीं दूसरी तरफ यहां का माहौल ऐसा है कि कोई खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा.

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर किया. उन्होंने इस स्थिति की तुलना 90 के दशक के ‘जंगलराज’ से कर दी. मरांडी ने लिखा कि झारखंड में अब गरीबों का अपहरण तस्करी के लिए और अमीरों का फिरौती के लिए हो रहा है. उन्होंने रांची के ओरमांझी से गायब 12 साल के बच्चे कन्हैया का भी जिक्र किया, जिसका दो महीने बाद भी कुछ पता नहीं चला है.

अमित शाह से दखल की मांग

मामले की गंभीरता को देखते हुए जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हस्तक्षेप की अपील की है. सरयू राय का मानना है कि इसमें किसी बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह (Inter-state gang) का हाथ हो सकता है, जिसे पकड़ना स्थानीय पुलिस के बस की बात नहीं लग रही. उन्होंने सोशल मीडिया पर गृह मंत्री को टैग करते हुए लिखा कि यह सिर्फ फिरौती का मामला नहीं, बल्कि एक नौजवान की जिंदगी का सवाल है, इसलिए केंद्रीय एजेंसियों को तुरंत एक्टिव किया जाना चाहिए.

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-भारत एक्सप्रेस



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