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दिल्ली में अमित शाह का ‘मेगा-एक्शन’! शांति समझौतों का हिसाब मांगने के लिए बुलाई सबसे खूंखार ‘हाइब्रिड’ मीटिंग

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज 11 जून 2026 को आदिवासी और DNLA शांति समझौतों की अहम समीक्षा करेंगे. वहीं, तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय आज दिल्ली में अमित शाह से राज्य की सुरक्षा और विकास पर अहम चर्चा करने वाले हैं.

देश की राजधानी दिल्ली में आज (11 जून 2026) सियासत और सुरक्षा का पारा सातवें आसमान पर है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज फुल ‘एक्शन मोड’ में नजर आ रहे हैं. एक तरफ गृह मंत्रालय (MHA) के भीतर ‘संयुक्त निगरानी समिति’ (JMC) की एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-वोल्टेज समीक्षा बैठक चल रही है, तो दूसरी तरफ दक्षिण की राजनीति के ‘सुपरस्टार’ और तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय आज अमित शाह के दरबार में अपनी सबसे बड़ी सियासी हाजिरी लगाने वाले हैं.

खुली शांति समझौतों की फाइल, मांगा जा रहा हिसाब

गृह मंत्रालय के पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह की अध्यक्षता में हो रही JMC की इस हाई-लेवल मीटिंग का सीधा मकसद अधिकारियों का ‘टेस्ट’ लेना है.
इस बैठक में मुख्य रूप से आदिवासी समझौता (2022) और डीएनएएलए (DNLA) समझौता (2023) के कार्यान्वयन (Implementation) की सख्त समीक्षा की जा रही है. शांति समझौतों की असली ‘ग्राउंड रिपोर्ट’ परखने के लिए इस बैठक को हाइब्रिड (ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों) मोड में रखा गया है, ताकि देश के किसी भी कोने में बैठा अधिकारी या हितधारक इस ‘क्लास’ से बच न सके.

जोसेफ विजय की ‘महा-मुलाकात’

नॉर्थ-ईस्ट की सुरक्षा की समीक्षा के बीच, दिल्ली की नजरें आज साउथ के नए ‘थलापति’ पर भी टिकी हैं. तमिलनाडु की सत्ता के शिखर पर बैठे नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय आज अमित शाह से अहम ‘शिष्टाचार मुलाकात’ करने वाले हैं. सूत्रों की मानें तो यह सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं होगी. इस बैठक में तमिलनाडु राज्य से जुड़े बेहद संवेदनशील सुरक्षा और विकास के मुद्दों पर गंभीर चर्चा होने की पूरी संभावना है.

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साउथ से नॉर्थ-ईस्ट तक शाह का ‘मास्टरस्ट्रोक’

आज का दिन मोदी सरकार के रणनीतिक ब्लूप्रिंट का एक बड़ा हिस्सा है. जहां एक तरफ असम और नॉर्थ-ईस्ट में विद्रोही गुटों (DNLA और आदिवासी समूहों) के साथ हुए समझौतों को जमीन पर उतारकर स्थायी शांति सुनिश्चित की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ तमिलनाडु के नए और ‘ग्लैमरस’ मुख्यमंत्री के साथ समन्वय बिठाकर दक्षिण भारत में विकास की नई बिसात बिछाई जा रही है. नज़रें अब इस बात पर टिकी हैं कि जोसेफ विजय और अमित शाह की इस बंद कमरे की मुलाकात से सियासत का कौन सा नया फॉर्मूला निकलकर बाहर आता है.



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