महाराष्ट्र की राजनीति और सहकारिता सेक्टर (Cooperative Sector) में एक बार फिर बड़ी हलचल मचने वाली है. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय अहम दौरे पर कोल्हापुर पहुंच रहे हैं. उनका यह दौरा सिर्फ धार्मिक या सियासी नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र के सबसे बड़े वोटबैंक यानी ‘गन्ना किसानों और चीनी मिलों’ की तकदीर बदलने वाला माना जा रहा है. सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे व सुनेत्रा पवार की मौजूदगी में अमित शाह कोल्हापुर से कई बड़े ‘मास्टरस्ट्रोक’ खेलने की तैयारी में हैं.
महालक्ष्मी मंदिर का होगा कायाकल्प
अमित शाह शनिवार सुबह सबसे पहले कोल्हापुर के प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर पहुंचेंगे. श्री महालक्ष्मी मंदिर विकास योजना के तहत गृह मंत्री यहां नए ‘प्रदक्षिणा मार्ग’ (Pradakshina Marg) और परिवार देवता मंदिर के संरक्षण कार्य की आधारशिला रखेंगे. जिला कलेक्टर विजय राठौड़ के मुताबिक, इस नए प्रदक्षिणा मार्ग से लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और दर्शन की सुविधा विश्वस्तरीय हो जाएगी. पूरे शहर की सड़कों को चमका दिया गया है और वीआईपी मूवमेंट के लिए भारी ट्रैफिक डायवर्जन लागू है.
AI से खेती और नई कीमतें
महालक्ष्मी का आशीर्वाद लेने के बाद शाह का सीधा फोकस महाराष्ट्र के ‘शुगर उद्योग’ (Sugar Industry) पर होगा. इस दौरे पर शाह मंत्री हसन मुश्रीफ और जिला बैंक के अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग करेंगे. चीनी मिलें इन दिनों छोटे होते ‘क्रशिंग सीजन’ (गन्ना पेराई सत्र) से परेशान हैं. इंडस्ट्री को उम्मीद है कि शाह कोई बड़ा ‘राहत पैकेज’ घोषित करेंगे. उद्योगपति गन्ने की पैदावार बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल और चीनी के बेहतर दाम (Pricing) तय करने को लेकर केंद्र से बड़ी मदद की आस लगाए बैठे हैं.
10 साल से NABARD में फंसे 112 करोड़ का क्या है राज?
इस दौरे का सबसे बड़ा सस्पेंस 112 करोड़ रुपये का वह फंड है, जो पिछले एक दशक से अधिक समय से ‘नाबार्ड’ (NABARD) के पास फंसा हुआ है. यह पैसा कोल्हापुर जिला बैंक का है. सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले में नाबार्ड और बैंक को आपस में बैठकर सुलह करने की सलाह दे चुका है. अब सहकारिता मंत्री अमित शाह के कोल्हापुर आने से उम्मीद बंध गई है कि वह 10 साल पुराने इस विवाद को एक झटके में खत्म कर देंगे.
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सियासी गर्जना और उद्धव गुट में खौफ
मीटिंग्स और विकास कार्यों के बाद अमित शाह कोल्हापुर के ‘पुलिस परेड ग्राउंड’ और फिर ‘इचलकरंजी’ में विशाल जनसभाओं को संबोधित करेंगे. 2024 के विधानसभा चुनावों में बंपर जीत दिलाने वाले वोटर्स को धन्यवाद देने के लिए बीजेपी ने यह रैलियां रखी हैं. यह दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है जब शिवसेना (UBT) एक और बड़ी टूट की कगार पर खड़ी है. साफ है, अमित शाह के इस कोल्हापुर दौरे से न सिर्फ किसानों का भला होगा, बल्कि विरोधियों के खेमे में भी तगड़ा ‘भूकंप’ आना तय है.
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