Amit Shah
Amit Shah Kolkata Visit: पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में गुरुवार को बिहार कैबिनेट के भव्य शपथ ग्रहण का साक्षी बनने के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कदम रुकने वाले नहीं हैं. सियासी हलचल से भरे इस ‘सुपर थर्सडे’ को अमित शाह पटना से सीधे पश्चिम बंगाल की उड़ान भरेंगे. ममता बनर्जी के 15 साल के राज को खत्म कर प्रचंड जीत (206 सीटें) हासिल करने के बाद, अब बीजेपी आलाकमान की पूरी नजर बंगाल में एक मजबूत और पारदर्शी सरकार के गठन पर टिक गई है.
कोलकाता में शाह का महा-मंथन
केंद्रीय पर्यवेक्षक की भूमिका में अमित शाह आज कोलकाता पहुंचते ही एक्शन मोड में आ जाएंगे. वे आज ही बंगाल के शीर्ष बीजेपी नेताओं के साथ बैक-टू-बैक बैठकें करेंगे. इन बैठकों का मुख्य एजेंडा नई सरकार के गठन की ‘रूपरेखा’ (Blueprint) तैयार करना है. सरकार में किन चेहरों को मंत्री बनाया जाएगा और किन जातियों व क्षेत्रों को मंत्रिमंडल में प्राथमिकता मिलेगी, इसका फैसला आज की बैठक में ही तय कर लिया जाएगा.
खुलेगा CM के नाम का सस्पेंस
पूरे देश और बंगाल की जनता को जिस सवाल का सबसे ज्यादा इंतजार है- ‘बंगाल का पहला बीजेपी मुख्यमंत्री कौन होगा?’, उसका जवाब 8 मई को मिल जाएगा.
शुक्रवार (8 मई) को पश्चिम बंगाल में बीजेपी विधायक दल की अहम बैठक बुलाई गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद इस बैठक में मौजूद रहेंगे और उनकी देखरेख में ही सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता (मुख्यमंत्री) चुना जाएगा. बीजेपी हमेशा से अपने सरप्राइज फैसलों के लिए जानी जाती है, इसलिए इस ‘सीक्रेट नाम’ को लेकर राजनीतिक पंडितों की धड़कनें तेज हैं.
9 मई को होगा ऐतिहासिक शपथ ग्रहण
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद, 9 मई (शनिवार) को पश्चिम बंगाल में नई सरकार का भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा. इस दिन पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ेगा जब राज्य में पहली बार ‘कमल’ के निशान वाली पूर्ण बहुमत की सरकार सत्ता संभालेगी.
बिहार के नेताओं के साथ मीटिंग
दिलचस्प बात यह है कि बंगाल फतह के इस जश्न और बैठकों के दौर के बीच अमित शाह एक और महत्वपूर्ण बैठक करने वाले हैं. जानकारी के मुताबिक, कोलकाता प्रवास के दौरान अमित शाह ‘बिहार बीजेपी’ के नेताओं के साथ भी अलग से एक अहम बैठक करेंगे. माना जा रहा है कि इस बैठक में बिहार कैबिनेट के विस्तार के बाद की स्थिति और 2029 लोकसभा चुनावों को लेकर शुरुआती रणनीतियों पर कोई बड़ा मंथन हो सकता है. फिलहाल, अगले 48 घंटों के लिए देश की सियासत का सबसे बड़ा केंद्र कोलकाता रहने वाला है.
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