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साइबर अपराधियों की खैर नहीं… सुरक्षित होंगी बेटियां! गृह मंत्री अमित शाह ने बनाया मास्टर प्लान, राज्यों को मिली सख्त कार्रवाई की हिदायत

गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते ऑनलाइन अपराधों पर राष्ट्रीय संवाद आयोजित किया गया. गृह सचिव ने राज्यों को विशेष साइबर इकाइयां बनाने और तुरंत जांच के निर्देश दिए.

Amit Shah Digital Safety

भारत सरकार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के मार्गदर्शन में देश में महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक डिजिटल माहौल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. इसी दिशा में शुक्रवार (13 मार्च) को महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते ऑनलाइन अपराधों पर एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संवाद आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने किया. यह कार्यक्रम गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा आयोजित किया गया था.

मामले की होगी तुंरत जांच

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि तेजी से बढ़ते डिजिटल इस्तेमाल के साथ ऑनलाइन अपराधों की चुनौतियां भी बढ़ रही हैं. ऐसे में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करना होगा. उन्होंने सुझाव दिया कि राज्यों को महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले ऑनलाइन अपराधों से निपटने के लिए विशेष और मजबूत इकाइयां बनानी चाहिए, ताकि मामलों की समय पर जांच हो सके, पीड़ितों को तुरंत मदद मिल सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके.

उन्होंने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से अपील की कि वे ऐसे मामलों को प्राथमिकता दें और तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें. साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े प्लेटफॉर्म और कंपनियों से भी आईटी कानून और संबंधित नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा गया.

ऑनलाइन अपराधों के लिए मजबूत रणनीति

इस राष्ट्रीय संवाद का उद्देश्य विभिन्न संस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाना, अनुभव और जानकारी साझा करना तथा महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाने वाले ऑनलाइन अपराधों से निपटने के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय रणनीति तैयार करना है.

इस मौके पर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराधों से निपटने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के लिए “मास्टर ट्रेनर्स इंडक्शन प्रोग्राम” भी शुरू किया गया. इसके तहत प्रशिक्षित अधिकारी आगे अपने-अपने राज्यों और जिलों में पुलिस और अन्य अधिकारियों को ट्रेनिंग देंगे, जिससे ऐसे अपराधों के खिलाफ देश की तैयारी और मजबूत हो सके.


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इस कार्यक्रम में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, विभिन्न मंत्रालयों के प्रतिनिधि, सोशल मीडिया कंपनियां, इंटरनेट सेवा प्रदाता, शिक्षाविद्, कानून विशेषज्ञ, नागरिक समाज संगठनों के सदस्य और छात्र भी शामिल हुए.

-भारत एक्सप्रेस



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