पश्चिम बंगाल दौरे पर अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अरविंदो घोष की जयंती के मौके पर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया. शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अरविंदो घोष सिर्फ एक महान दार्शनिक और आध्यात्मिक चिंतक ही नहीं थे, बल्कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही.
अमित शाह ने अपने संदेश में अरविंदो घोष को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने भारत को उसकी आध्यात्मिक ताकत और महान विरासत का अहसास कराया. उनके विचारों ने उस दौर में देशवासियों के भीतर आत्मविश्वास और स्वतंत्रता की भावना को मजबूत करने में योगदान दिया, जब भारत ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के अधीन था.
स्वतंत्रता आंदोलन में अहम योगदान
अमित शाह के मुताबिक, अरविंदो घोष ने देश को विदेशी शासन के खिलाफ खड़े होने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने भारत की आजादी को केवल राजनीतिक बदलाव के तौर पर नहीं देखा, बल्कि इसे देश के आत्मसम्मान और जागरण से भी जोड़ा. उनके लेखन और विचारों में भारत की स्वतंत्रता के साथ उसकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान पर भी खास जोर दिखाई देता है.
My solemn homage to Sri Aurobindo Ji, on the Jayanti of the sage, philosopher, and great soul of our freedom movement.
Sri Aurobindo Ji awakened India to its spiritual greatness and powered our freedom movement to overthrow oppressive colonial rule. His profound wisdom inspires… pic.twitter.com/JeAyDZRopM
— Amit Shah (@AmitShah) August 15, 2026
शाह ने कहा कि अरविंद की गहरी सोच आज भी देश के लिए प्रासंगिक है. उनका दर्शन भारत को विकास की ऊंचाइयों तक पहुंचने की प्रेरणा देता है, लेकिन साथ ही अपनी जड़ों, परंपराओं और गौरवशाली विरासत को संभालकर आगे बढ़ने का संदेश भी देता है.
विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ने का संदेश
गृह मंत्री ने अपने संदेश में इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक भारत के विकास के साथ उसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत बनाए रखना जरूरी है. अरविंदो घोष के विचार इसी संतुलन की ओर इशारा करते हैं, जहां देश तरक्की करे, लेकिन अपनी मूल पहचान से दूर ना हो.
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-भारत एक्सप्रेस
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