Amit Shah
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे. उन्होंने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के फ्रंटियर मुख्यालय में विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया तथा कावाखाली मैदान में तीन नए आपराधिक कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने सीमा सुरक्षा, घुसपैठ रोकथाम, सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा और नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन पर विस्तार से बात की. उनके संबोधन में राष्ट्रप्रेम, वंदे मातरम् और विकसित भारत के लक्ष्य पर भी विशेष जोर रहा.
2014 से सीमा सुरक्षा के लिए जमीन की मांग
कार्यक्रम की शुरुआत में गृहमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के 80वें समारोह का जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘इस बार का स्वतंत्रता दिवस समारोह विशेष था. आजादी के 80 वर्षों बाद लाल किले से पूर्ण ‘वंदे मातरम्’ का गान हुआ. बंकिम बाबू की इस अमर कृति से बच्चों और युवाओं तक राष्ट्रप्रेम का संदेश पहुंच रहा है.’ शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद वंदे मातरम् को कभी पूर्ण रूप से नहीं अपनाया गया. उन्होंने ‘प्रिवेंशन ऑफ इन्सल्ट्स टू नेशनल ऑनर (अमेंडमेंट) एक्ट, 2026’ को ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि अब वंदे मातरम् के अपमान या बाधा डालने को अपराध माना जाएगा. इससे आने वाली पीढ़ियों तक बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का संदेश पहुंचेगा.
सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) में तीन नए कानूनों पर आयोजित प्रदर्शनी के शुभारंभ समारोह से लाइव…
শিলিগুড়ি (পশ্চিমবঙ্গ)-তে তিনটি নতুন আইন নিয়ে আয়োজিত প্রদর্শনীর উদ্বোধনী অনুষ্ঠান থেকে সরাসরি লাইভ … https://t.co/6veQuw04rH
— Amit Shah (@AmitShah) August 21, 2026
सीमा सुरक्षा पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि घुसपैठ रोककर पश्चिम बंगाल और देश को सुरक्षित बनाना भाजपा सरकार की प्राथमिकता है. फेंसिंग इसका सबसे मजबूत उपाय है. उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सराहना करते हुए बताया कि मात्र 45 दिनों में ही बीएसएफ और एसएसबी को 1,129 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई. शाह ने कहा, ‘मैं 2014 से सीमा सुरक्षा के लिए इस जमीन की मांग कर रहा था. पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से कई बार गुहार लगाई, यहां तक कि उनके कार्यालय में जाकर भी कहा, लेकिन जमीन नहीं मिली. शुभेंदु जी की सरकार आने के बाद यह संभव हो सका.’ उन्होंने जोड़ा कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) के लिए 560 एकड़ जमीन भी अब मिल रही है.
‘वन बॉर्डर, वन फोर्स’
गृहमंत्री ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर की रणनीतिक महत्ता पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा, ‘8 राज्यों और 3 देशों से जुड़ा सिलीगुड़ी कॉरिडोर राष्ट्र की सुरक्षा से सीधे जुड़ा है. मोदी सरकार त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड से इसे अभेद्य बना रही है.’ उन्होंने बताया कि सीमाओं पर निगरानी बढ़ाई गई है, बलों की तैनाती बढ़ाई गई है और आर्मी के साथ ‘तीस्ता प्रहार’ जैसे अभ्यास भी किए गए हैं. शाह ने जोर दिया कि जब तक सीमाएं सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक न तो पश्चिम बंगाल और न ही भारत सुरक्षित रह सकता है.
‘वन बॉर्डर, वन फोर्स’ नीति के तहत एसएसबी को नेपाल और भूटान से लगी बिना बाड़ वाली खुली सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है. शाह ने एसएसबी के जवानों की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘एसएसबी के जवानों की प्रतिबद्धता और मित्र देशों के साथ उनके सांस्कृतिक लगाव को पूरा देश सम्मान करता है. खुली सीमाओं की निगरानी बड़ी चुनौती है, लेकिन एसएसबी के जवान हर चुनौती पर खरे उतरे हैं.’ उन्होंने एसएसबी के विभिन्न आवासीय, प्रशासनिक और अन्य परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जिनकी लागत करीब 189 करोड़ रुपये बताई गई. साथ ही सिलीगुड़ी में बॉर्डर सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन हेडक्वार्टर बनाने का एलान भी किया.
तीन नए आपराधिक कानूनों
भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) पर आयोजित प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए शाह ने कहा कि ये कानून औपनिवेशिक काल के कानूनों को बदलकर न्याय व्यवस्था को तेज, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बना रहे हैं. उन्होंने पूर्व टीएमसी सरकार पर आरोप लगाया कि पूरे देश में ये कानून लागू हो चुके थे, लेकिन ममता बनर्जी ने इन्हें नोटिफाई नहीं किया.
शाह के अनुसार, ‘उन्हें पता था कि ये कानून उनके सिंडिकेट, कट-मनी और एक्स्टॉर्शन राज का अंत कर देंगे. अब भाजपा सरकार ने इन्हें लागू किया है, जिससे भय की जगह भरोसा आया है.’ उन्होंने बताया कि नए कानूनों से जीरो एफआईआर कहीं भी दर्ज हो सकेगी और न्याय प्रक्रिया तेज होगी. प्रदर्शनी ‘फाइव पिलर्स: ट्रांसफॉर्म्ड जस्टिस सिस्टम’ के नाम से 26 अगस्त तक चलेगी.
शाह ने घुसपैठियों के खिलाफ सख्त रुख दोहराते हुए कहा, ‘मैं दोहराता हूं कि राज्य में हर घुसपैठिए का पता लगाकर, डिलीट कर और डिपोर्ट करके बाहर निकालूंगा.’ उन्होंने सीएए के क्रियान्वयन का भी जिक्र किया और कहा कि पूर्व सरकार ने इसका विरोध किया था, लेकिन अब जनता ने उन्हें हटा दिया है.
शुभेंदु अधिकारी का किया धन्यवाद
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे. शाह ने उन्हें सीमा सुरक्षा कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि पहले के मुख्यमंत्री कभी एसएसबी या बीएसएफ के कार्यक्रमों में नहीं आते थे. उन्होंने शुभेंदु अधिकारी को संबोधित करते हुए कहा, ‘साहिबा तो आती नहीं थीं, आप आ गए.’
गृहमंत्री ने दिल्ली-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का भी उल्लेख किया, जिससे कुछ घंटों में यात्रा संभव होगी. उन्होंने जोर दिया कि सुरक्षित, सुरक्षित और जीवंत सीमाओं की अवधारणा को आगे बढ़ाया जा रहा है.
यह भी पढ़ें: पारंपरिक खेलों से लेकर टेक तक… भारत के नेतृत्व में तय होगी BRICS देशों के खेल और युवाओं की नई दिशा
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


