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321 ‘कार्यकर्ताओं’ के खून से लिखा गया ‘सोनार बांग्ला’ का भाग्य…शुभेंदु के नाम का ऐलान कर अमित शाह ने कैसे ममता बनर्जी को ललकारा?

भाजपा विधायक दल की बैठक में अमित शाह ने 321 कार्यकर्ताओं की शहादत का जिक्र करते हुए बंगाल जीत को ‘संघर्ष की विजय’ बताया. शुभेंदु अधिकारी को नेतृत्व सौंपने के साथ ही TMC और Mamata Banerjee पर तीखा हमला बोला गया…

Amit Shah statement in bengal: पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक दल की बैठक में आज उस वक्त सन्नाटा पसर गया, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन 321 कार्यकर्ताओं का जिक्र किया जिन्होंने पार्टी के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी. शुभेंदु अधिकारी के नाम का औपचारिक ऐलान करते हुए शाह ने साफ कर दिया कि यह जीत केवल वोटों की नहीं बल्कि उन ‘बलिदानियों’ के संघर्ष की परिणति है जिन्हें टीएमसी के शासन में बर्बरता का शिकार होना पड़ा. शाह ने दो टूक कहा कि बंगाल की धरती पर अब ‘भय की राजनीति’ का अंत हो गया है और ‘न्याय के शासन’ की शुरुआत हो चुकी है.

‘संदेशखाली की ‘चीख’ और शहादत का हिसाब’

अमित शाह ने अपने संबोधन(Amit Shah statement in today) में संदेशखाली की उन घटनाओं का जिक्र किया जिन्होंने पूरे देश की रूह कपा दी थी. उन्होंने कहा कि संदेशखाली में महिलाओं के साथ जो हुआ और जिस तरह भाजपा कार्यकर्ताओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया, वह टीएमसी के पतन का कारण बना.

बताते चलें शाह ने भावुक होते हुए कहा कि हमारे 321 कार्यकर्ताओं ने अपनी जान दी, उनके परिवारों को प्रताड़ित किया गया, लेकिन उनका हौसला नहीं टूटा. आज बंगाल की जनता ने उनके खून की हर बूंद का हिसाब भाजपा को प्रचंड बहुमत देकर पूरा किया है.

‘नंदीग्राम के शेर’ को अब बंगाल की कमान

शुभेंदु अधिकारी के नाम की घोषणा करते हुए शाह ने उन्हें भाजपा का सबसे मजबूत स्तंभ बताया. उन्होंने कहा कि शुभेंदु केवल एक नेता नहीं बल्कि संघर्ष के प्रतीक हैं. शाह ने याद दिलाया कि कैसे शुभेंदु ने पहले नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराकर ‘अजेय’ होने का भ्रम तोड़ा और अब पूरे बंगाल में कमल खिलाया. उन्होंने कहा कि सुवेंदु दा ने दीदी को उनके घर में घुसकर (भवानीपुर) चुनौती दी और जनता ने साबित कर दिया कि बंगाल को अब ‘भतीजावाद’ नहीं बल्कि ‘अधिकारी’ जैसा मजबूत नेतृत्व चाहिए.

‘गंगोत्री से गंगासागर’ तक वैचारिक विजय(Amit Shah statement in today)

शाह ने इसे एक ऐतिहासिक वैचारिक विजय करार दिया. उन्होंने कहा कि 1950 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जिस विचार की बोनी की थी, वह आज 2026 में वटवृक्ष बन गया है. “गंगोत्री से गंगासागर तक अब भाजपा का झंडा फहरा रहा है. कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद जो कसर बाकी थी, वह आज बंगाल की जीत ने पूरी कर दी है.” शाह ने जोर देकर कहा कि त्रिपुरा, असम और अब बंगाल के साथ पूर्वी भारत अब विकास और राष्ट्रवाद का नया केंद्र बनेगा.

बंगाल में घुसपैठ पर लगेगा फुल स्टॉप?

अमित शाह ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अब बंगाल की सीमाएं राष्ट्र सुरक्षा के लिए ‘अभेद किला’ बनेंगी. उन्होंने (Amit Shah statement in today) कहा कि टीएमसी के राज में जिस तरह घुसपैठ और गौ-तस्करी को संरक्षण मिला, वह अब अतीत की बात हो गई है.

आगे शाह ने कहा कि दीदी के शासन में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी, लेकिन अब किसी भी अपराधी या घुसपैठिए की हिम्मत नहीं होगी कि वो बंगाल की गरिमा को ठेस पहुँचाए. अब बंगाल में ‘सिंडिकेट राज’ नहीं, ‘राम राज्य’ होगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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