आज का दिन हर उस भारतीय के लिए बेहद खास है, जो वीरता की कहानियों और अपने देश की मिट्टी से प्यार करता है. अवसर है अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति के सबसे बड़े प्रतीक, महाराणा प्रताप की जयंती का. इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मेवाड़ के इस शूरवीर को नमन करते हुए देशवासियों के साथ अपनी भावनाएं साझा की हैं.
सिद्धांतों से नहीं किया समझौता: Amit shah
अमित शाह ने अपने पोस्ट में कहा कि भारतीय इतिहास में अगर त्याग और आत्मसम्मान की बात होगी, तो महाराणा प्रताप का नाम सबसे ऊपर आएगा. उन्होंने कहा, ‘प्रताप जी ने अपना हर पल मातृभूमि, धर्म और अपनी संस्कृति की रक्षा में लगा दिया. स्थितियां चाहे कितनी भी कठिन रहीं हों, खाने को रोटी तक नहीं थी, लेकिन उन्होंने कभी किसी के सामने घुटने नहीं टेके.’
अदम्य साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक महाराणा प्रताप जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
भारतीय इतिहास में स्वतंत्रता, आत्मसम्मान और त्याग के सर्वोच्च प्रेरणास्रोत महाराणा प्रताप जी ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण मातृभूमि, धर्म और संस्कृति की रक्षा तथा इनके… pic.twitter.com/k1YCtAGNsm
— Amit Shah (@AmitShah) May 9, 2026
शाह ने जोर देकर कहा कि मुगल साम्राज्य की उस विशाल सेना और ताकत के सामने महाराणा का अडिग खड़े रहना, आज के दौर में भी हमें यह सिखाता है कि अगर संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी शक्ति आपको झुका नहीं सकती.
हल्दीघाटी की वीर गाथा
गृह मंत्री ने महाराणा प्रताप के रणकौशल और उनके अटूट संकल्प को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन हर भारतीय के लिए प्रेरणा का एक अनंत स्रोत है. हल्दीघाटी के मैदान में उनका वो पराक्रम और अपने घोड़े ‘चेतक’ के साथ उनका वो रिश्ता, आज भी हमारी रगों में राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रज्ज्वलित कर देता है.
नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने की कोशिश
महाराणा प्रताप की जयंती के मौके पर आज देशभर में, खासकर राजस्थान और उत्तर भारत में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. अमित शाह ने इस बात पर खुशी जताई कि आज की युवा पीढ़ी को इन वीर गाथाओं के जरिए अपनी जड़ों और इतिहास की महानता के बारे में बताया जा रहा है. उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप के आदर्श ही वो नींव हैं, जिस पर एक मजबूत और गौरवशाली भारत खड़ा है.
ये भी पढ़ें:
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



