राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर जिन्हें दुनिया ‘गुरुजी’ के नाम से जानती है की पुण्यतिथि पर देश आज उन्हें याद कर रहा है. इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की. अमित शाह ने कहा कि गुरुजी ने देश में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की विचारधारा को एक ऐसी मजबूत नींव दी, जिस पर चलकर आज हमारा भारत आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है.
सेवा को बनाया राष्ट्र-निर्माण का मुख्य जरिया
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने पोस्ट में गुरुजी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने समाज सेवा को ही देश सेवा और राष्ट्र-निर्माण का सबसे बड़ा माध्यम बनाया था. गुरुजी का मानना था कि जब तक समाज का हर वर्ग एकजुट नहीं होगा, तब तक राष्ट्र परम वैभव को नहीं छू सकता. उन्होंने देशवासियों में राष्ट्रीय एकता, अखंडता और स्वाभिमान की भावना को जगाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक परम पूज्य ‘गुरुजी’ की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
परम पूज्य गुरुजी ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को सशक्त वैचारिक आधार दिया और सेवा को राष्ट्रनिर्माण की सबसे बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित किया। उनके नेतृत्व में संघ ने राष्ट्रजीवन के… pic.twitter.com/5kBY019zjD— Amit Shah (@AmitShah) June 5, 2026
अमित शाह ने जोर देकर कहा कि गुरुजी के नेतृत्व में पूरे देश के भीतर जिस राष्ट्रीय चेतना का संचार हुआ था, वही वजह है कि आज भी संघ के लाखों-करोड़ों स्वयंसेवक निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा में जुटे हुए हैं.
करोड़ों देशवासियों के प्रेरणा स्रोत
अमित शाह ने पोस्ट के आखिर में लिखा, ‘वंदनीय गुरुजी को शत-शत नमन.’ उन्होंने कहा कि गुरुजी की दी हुई सीख और उनकी प्रेरणा आज भी देश के करोड़ों नागरिकों को राष्ट्रहित, स्वदेशी को अपनाने और समाज में सकारात्मक काम करने के लिए प्रेरित करती है.
गुरुजी के विचार आज के समय में भी हिंदुस्तान की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने, आपसी सामाजिक समरसता को मजबूत करने और लोगों के दिलों में देश-प्रेम की भावना भरने का एक बड़ा स्रोत हैं. उनके इन्हीं ऊंचे आदर्शों और सिद्धांतों पर चलते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आज भी देश के कोने-कोने में लगातार सेवा कार्यों में लगा हुआ है.
-भारत एक्सप्रेस
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