पश्चिम बंगाल में चुनावी पारा अपने चरम पर है और इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज यानी शुक्रवार को बंगाल के रण में उतर रहे हैं. शाह का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि वे आज कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का ‘संकल्प पत्र’ जारी करेंगे. बंगाल की धरती पर कदम रखने से पहले ही शाह ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं. उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि बंगाल की जनता अब ‘भय राज’ से मुक्ति और बड़ा बदलाव चाहती है.
शाह का मेगा प्लान
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में अमित शाह ने बंगाल के लोगों की भावनाओं को आवाज देते हुए लिखा कि टीएमसी के शासन से लोग त्रस्त हो चुके हैं. उन्होंने वादा किया कि भाजपा का संकल्प पत्र बंगाल को विकास की नई पटरी पर लाने और डराने-धमकाने वाली राजनीति को खत्म करने का आधार बनेगा.
TMC से त्रस्त बंगाल अब परिवर्तन चाहता है।
आज कोलकाता में TMC के ‘भय राज’ से बंगाल को मुक्त करने के आधार, भाजपा के ‘संकल्प पत्र’ का विमोचन करूँगा।
इसके पश्चात, पश्चिम मेदिनीपुर के डेबरा में जनसभा और खड़गपुर में रोड-शो के माध्यम से प्रदेश के बहनों-भाइयों के बीच रहने के लिए उत्सुक…
— Amit Shah (@AmitShah) April 10, 2026
शाह केवल घोषणापत्र जारी करके नहीं रुकेंगे, आज उनका कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है. वे पश्चिम मेदिनीपुर के डेबरा में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे और उसके बाद खड़गपुर की सड़कों पर रोड-शो के जरिए अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेंगे.
संकल्प पत्र में क्या हो सकता है खास?
भाजपा सूत्रों की मानें तो इस बार का ‘संकल्प पत्र’ सीधे तौर पर आम आदमी की जेब और भावनाओं से जुड़ा होगा. पार्टी का सबसे बड़ा दांव ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के जवाब में हो सकता है, जहां भाजपा लाभार्थियों को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक मदद देने का वादा कर सकती है.
इसके अलावा, बेरोजगार युवाओं के लिए ‘युवा साथी’ कार्यक्रम के तहत मासिक भत्ता देने की भी योजना है. सरकारी कर्मचारियों को लुभाने के लिए पार्टी सत्ता में आने के महज 45 दिनों के भीतर महंगाई भत्ते (DA) का सारा बकाया चुकाने का बड़ा एलान कर सकती है. साथ ही, स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए विशेष पैकेज और नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना भाजपा के विकास मॉडल का मुख्य हिस्सा होंगे.
जनता के सुझावों से बना ‘सामाजिक अनुबंध’
भाजपा का दावा है कि यह संकल्प पत्र केवल एसी कमरों में बैठकर नहीं बनाया गया है, बल्कि इसके लिए फरवरी की शुरुआत से ही ‘विकसित पश्चिम बंगाल संकल्प पत्र परामर्श संग्रह अभियान’ चलाया गया था. पार्टी कार्यकर्ता हर बूथ और हर घर तक पहुंचे और लोगों से उनके सुझाव मांगे.
इसके लिए बकायदा ईमेल, क्यूआर कोड और जिलों में ‘आकांक्षा संग्रह बॉक्स’ का इस्तेमाल किया गया. डॉक्टर, शिक्षक, किसान और प्रवासी बंगालियों से मिले फीडबैक के आधार पर ही यह दस्तावेज तैयार किया गया है.
ये भी पढ़ें: अंतरिक्ष में इतिहास रचने के करीब भारत! ISRO का दूसरा एयर ड्रॉप टेस्ट सफल, गगनयान मिशन को मिली रफ्तार
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





