आज ‘विश्व वन्यजीव दिवस’ (World Wildlife Day) के अवसर पर पूरा देश न केवल जैव-विविधता का जश्न मना रहा है, बल्कि उन अनमोल जीवों को बचाने का संकल्प भी ले रहा है जो हमारे पर्यावरण की रीढ़ हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस महत्वपूर्ण दिन पर देशवासियों को संबोधित करते हुए भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को याद किया. उन्होंने कहा कि भारत के संस्कार हमेशा से हमें प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व (Coexistence) और प्रेम से रहने की प्रेरणा देते हैं.
भारत के चिरस्थायी आदर्शों को दोहराएं: Amit Shah
गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा, ‘विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर, आइए हम प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने के भारत के चिरस्थायी आदर्शों को फिर से दोहराएं.’
On #WorldWildlifeDay, let us reaffirm Bharat’s timeless ethos of living in harmony with nature.
From the majestic tiger to the smallest species, every life form sustains our ecological balance. May this day strengthen our resolve to protect and preserve wildlife for generations…
— Amit Shah (@AmitShah) March 3, 2026
अमित शाह ने आगे लिखा कि विशाल बाघ से लेकर सबसे छोटे जीव तक, प्रत्येक जीव हमारे पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखता है. आशा है कि यह दिन आने वाली पीढ़ियों के लिए वन्यजीवों की रक्षा और संरक्षण के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा.
बदलता भारत और वन्यजीव संरक्षण
वर्तमान में भारत जिस तरह से वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर दुनिया का नेतृत्व कर रहा है, वह सराहनीय है. चाहे ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ की सफलता हो, चीतों का सफल स्थानांतरण या फिर ‘इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस’ जैसी पहल, भारत ने यह साबित किया है कि विकास और पर्यावरण का संरक्षण एक साथ संभव है.
आज के समय में जब जलवायु परिवर्तन (Climate Change) जैसी वैश्विक चुनौतियां हमारे सामने हैं, तब वन्यजीवों का संरक्षण ही हमें एक सुरक्षित और संतुलित भविष्य प्रदान कर सकता है.
ये भी पढ़ें: दिल्ली कला उत्सव 2026: संगीत, नृत्य और लोक कला का संगम, रवींद्र भवन में दो दिवसीय सांस्कृतिक महाकुंभ का सफल समापन
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


