Arunachal Pradesh Flood: पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश इस समय आसमानी आफत से जूझ रहा है. पिछले एक हफ्ते से लगातार हो रही मूसलाधार मानसूनी बारिश ने राज्य में बाढ़ और भूस्खलन जैसे हालात पैदा कर दिए हैं. इस संकट के बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से फोन पर बात कर राज्य की स्थिति का जायजा लिया. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर इस बात की जानकारी साझा करते हुए गृह मंत्री का आभार जताया और बताया कि उन्होंने केंद्र को राहत, बचाव और पुनर्वास के लिए उठाए जा रहे कदमों की पूरी जानकारी दे दी है.
12 जिलों में भारी तबाही
अरुणाचल प्रदेश के 28 में से 12 जिलों में बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई है, जिससे हजारों लोगों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, सबसे ज्यादा प्रभावित केयी पैन्योर जिला हुआ है, जहां 23 जून से आई अचानक बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है.
रविवार को ही रेस्क्यू टीम ने पड़ोसी जिले पापुम पारे से 48 वर्षीय सौरभ कुमार खरवार का शव बरामद किया है. इससे पहले दो महिलाओं के शव मिले थे, जबकि एक नाबालिग समेत दो लोग अब भी लापता हैं. अचानक आई इस बाढ़ ने यज़ाली सर्कल में करीब 20 घरों को मलबे में तब्दील कर दिया है.
सड़कें टूटीं, पुल बहे
बाढ़ और भूस्खलन के चलते राज्य में सड़कें, पुल और बुनियादी ढांचे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क पूरी तरह कट गया है. बिगड़ते हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने सोमवार को मुख्य सचिव मनीष गुप्ता और डीजीपी एस.डी. सिंह जमवाल के साथ कुरुंग कुमे, क्रा दादी, लोअर सुबनसिरी और कामले जैसे सबसे प्रभावित जिलों के उपायुक्तों (DCs) के साथ एक हाई-लेवल वर्चुअल बैठक की.
सीएम ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक तुरंत मेडिकल मदद, राशन और जरूरी सामान पहुंचाने तथा बंद सड़कों को जल्द से जल्द खोलने के निर्देश दिए हैं.
सीएम ने की सुरक्षित रहने की अपील
मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के लिए एक और बड़ी चेतावनी जारी की है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 1 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ भारी से बेहद भारी बारिश होने की आशंका है.
संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, बिजली गुल होने और जलभराव का खतरा बना हुआ है. मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की है कि वे बेहद सतर्क रहें और जब तक बहुत जरूरी न हो, लैंडस्लाइड वाले संवेदनशील इलाकों में यात्रा करने से बचें.
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-भारत एक्सप्रेस
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