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‘आगे पता चलेगा कौन बारात का घोड़ा है और कौन रेस का घोड़ा है’, किसने किया अरविंद केजरीवाल पर ऐसे पलटवार

कांग्रेस को ‘बारात का घोड़ा’ कहने पर अरविंद केजरीवाल को कांग्रेस नेता डॉ. तुषार चौधरी ने करारा जवाब दिया है. घोड़े की राजनीति पर बढ़ते बयानबाज़ी के बीच गुजरात की राजनीति गरमा गई है. जानिए कौन रेस का घोड़ा है और कौन बारात का..

Arvind Kejriwal

दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल.

Arvind Kejriwal: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कांग्रेस को बारात का घोड़ा कहा, केजरीवाल के इस बयान पर गुजरात विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. तुषार चौधरी ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा कि कौन बारात का घोड़ा है और कौन रेस का घोड़ा है.

दरअसल, इससे पहले लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के भोपाल में घोड़े को लेकर बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि अब समय आ गया है कि रेस के घोड़े और बारात के घोड़े को अलग किया जाए. उनके इस बयान पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने गुजरात में सभा के दौरान कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी के बयान के मुताबिक उनकी पार्टी में कुछ बारात के घोड़े तो कुछ रेस के घोड़े हैं, लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि कांग्रेस में सभी बारात के घोड़े हैं और आम आदमी पार्टी में सभी रेस के घोड़े हैं.

गुजरात में AAP की स्थिति पर कांग्रेस का हमला

अब कांग्रेस नेता डॉ. तुषार चौधरी ने केजरीवाल के इसी बयान पर पलटवार किया. उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “आने वाले दिनों में उन्हें (केजरीवाल) पता चलेगा कि कौन बारात का घोड़ा है और कौन रेस का घोड़ा है. उपचुनाव में विसावदर सीट जीती है, लेकिन कडी सीट पर महज तीन हजार वोट ही पाए हैं. गुजरात में उनका कुछ चलने वाला नहीं है. गुजरात में टू-पार्टी पॉलिटिक्स रहा है. दो ही पार्टी की सरकार बनी है. गुजरात में मुख्यमंत्री रहे केशुभाई पटेल, चिमनभाई पटेल और शंकर सिंह वाघेला ने अपनी-अपनी पार्टी बनाई थी, लेकिन किसी की पार्टी नहीं चली.”

लोकसभा में विपक्ष को बोलने का मौका नहीं देने के आरोप पर उन्होंने कहा, भाजपा शासन में सदन में प्रो डेटा बेसिस पर बोलने का समय तय किया गया है. समय कम रहने की वजह से हमें सरकार की कमियां और लोगों की बात रखने का मौका नहीं दिया जा रहा है. हम लोगों के समय का नुकसान करते तो लोग हमारे पास आते ही नहीं. भ्रष्टाचार के मुद्दे पर गुजरात में मंत्री के बेटे को जेल हुआ वह इसलिए क्योंकि हमने विरोध किया. अगर विरोध नहीं करते तो उन्हें खुला मैदान मिल जाता.

राहुल गांधी के गुजरात दौरे पर उन्होंने कहा, जिला और शहर कमेटी की जो नियुक्ति हुई, उनके ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया गया है. राहुल गांधी ने जब से कमान संभाली थी, तब से जिला अध्यक्षों का चयन सीडब्ल्यूसी से आए नेताओं ने किया है. ऐसे में इस ट्रेनिंग से हमें पता चलेगा कि कांग्रेस कौन से रूप के साथ आगे जाने वाली है.”

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-भारत एक्सप्रेस 



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