चुनाव आयोग ने आज (रविवार) को एक बड़ा ऐलान किया है. चुनाव आयोग ने 5 राज्यों असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने जब प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू की, तो साफ कर दिया कि चुनाव किसी त्योहार से कम नहीं हैं. इस बार के चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक और दिलचस्प होने वाले हैं.
बंगाल में बदली परंपरा
इस बार सबसे बड़ा बदलाव पश्चिम बंगाल में देखने को मिला है. जहां अक्सर 7 या 8 चरणों में लंबी वोटिंग प्रक्रिया चलती थी, वहीं इस बार आयोग ने केवल दो चरणों में चुनाव कराने का फैसला किया है. ऐसा करीब 30 साल बाद हो रहा है. ममता बनर्जी के गढ़ में पहले चरण की 152 सीटों पर 23 अप्रैल को वोट पड़ेंगे, जबकि बाकी 142 सीटों के लिए 29 अप्रैल को मतदान होगा. बंगाल की 294 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 148 का आंकड़ा चाहिए, और सबकी नजरें इस बार ‘SIR’ (सोशल इम्पैक्ट/रिफॉर्म्स) के मुद्दे के बाद होने वाले पहले बड़े चुनाव पर टिकी हैं.
एक ही दिन में चार राज्यों का फैसला
बंगाल को छोड़ कर बाकी चार राज्यों असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में चुनाव प्रक्रिया काफी सिमटी हुई है. असम, केरल और पुडुचेरी इन तीनों राज्यों में 9 अप्रैल को एक ही साथ वोट डाले जाएंगे. असम की 126 सीटों पर जहाँ भाजपा अपनी सत्ता बचाने उतरेगी, वहीं केरल की 140 सीटों पर लेफ्ट और पुडुचेरी की 30 सीटों पर रंगास्वामी सरकार की साख दांव पर होगी.
तमिलनाडु में 234 सीटों के लिए 23 अप्रैल को वोटिंग होगी. एमके स्टालिन की अगुवाई वाली डीएमके के सामने अन्नाद्रमुक (AIADMK) की बड़ी चुनौती है.
वोटर्स की संख्या देख दुनिया हैरान
भारत के लोकतंत्र की विशालता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इन 5 राज्यों के कुल 17.4 करोड़ मतदाता मिलकर 824 सीटों पर उम्मीदवारों की किस्मत तय करेंगे. आयोग ने एक रोचक तुलना करते हुए बताया कि ये संख्या ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों की कुल आबादी के बराबर है. शायद यही वजह है कि इस बार 20 से ज्यादा देशों के मेहमान भारत के इस लोकतंत्र के उत्सव को करीब से देखने आ रहे हैं.
कब आएंगे नतीजे?
भले ही वोटिंग अलग-अलग तारीखों पर हो रही हो, लेकिन 4 मई को सभी 5 राज्यों के नतीजे घोषित किए जाएंगे. 20 दिनों के इस चुनावी सफर में यह साफ हो जाएगा कि जनता ने किसे चुना और किसे विपक्ष की राह दिखाई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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