उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर में कथित दान और चढ़ावे की चोरी तथा वित्तीय गड़बड़ियों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाई है. यह टीम 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.
पीएम मोदी की भूमिका
बीजेपी के वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने बताया कि एसआईटी बनाने का फैसला केवल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नहीं था. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद फोन कर कहा था कि इस मामले में एसआईटी गठित होनी चाहिए. पीएम के निर्देश के बाद ही जांच दल का गठन किया गया.
विपक्ष पर कटाक्ष
जब विपक्ष ने इस मामले पर सवाल उठाए तो विनय कटियार ने तंज करते हुए कहा कि विपक्ष कौन है, यह बताना मुश्किल है. उन्होंने अखिलेश यादव का नाम लेते हुए कहा कि अगर वे बयान दे रहे हैं तो यह उनकी राय है. कटियार ने कहा कि वे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे क्योंकि अखिलेश एक अच्छे इंसान हैं.
चोरी और रिकवरी पर सवाल
विपक्ष ने आरोप लगाया कि जब शुरुआत में चोरी हुई थी तो सरकार ने मामले को छिपाया. अगर तुरंत जांच होती तो रिकवरी आसानी से हो जाती. इस पर कटियार ने कहा कि उन्हें भी इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है. उन्होंने बताया कि वे मंदिर में तीन-चार महीने में कभी-कभी जाते हैं और जो लोग उनसे मिलने आते हैं, उन्हें मंदिर भेज देते हैं.
मंदिर में चढ़ावे का हिसाब
बीजेपी नेता ने माना कि चोरी हुई है और इसमें शामिल रकम किसी एक दिन की नहीं है. उन्होंने कहा कि मंदिर में रोज़ाना काफी चढ़ावा आता है. आज की जमा राशि का आंकड़ा अभी उनके पास नहीं है, लेकिन जैसे ही अकाउंटेंट से जानकारी मिलेगी तो साफ हो जाएगा कि कितनी रकम आई.
अपराधियों को सज़ा का भरोसा
कटियार ने दावा किया कि इस अपराध में शामिल लोगों को सज़ा जरूर मिलेगी. उन्होंने कहा कि पूरी जांच के बाद किसी को छोड़ा नहीं जाएगा और लेखा-जोखा देखकर सब साफ किया जाएगा.
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ऑडिट की मांग पर प्रतिक्रिया
राम मंदिर में चढ़ावे का ऑडिट कराने की मांग पर उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है. हालांकि, अकाउंटेंट के पास पूरी रकम का हिसाब होगा. उन्होंने कहा कि वे जल्द ही मंदिर जाएंगे और हालात का जायजा लेंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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