Azamgarh Triple Murder: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहिरौला थाना क्षेत्र स्थित शंभूपुर गांव में मंगलवार की देर रात एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई, जिसने पूरे प्रदेश को सन्न कर दिया है. जानकारी के मुताबिक, अंधविश्वास, भूत-प्रेत और तंत्र-मंत्र के फेर में पड़कर एक सिरफिरे शख्स अरविंद सिंह ने अपनी ही पत्नी और दो पुजारियों (पंडितों) की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी.
इसके बाद उसने अपने तीन मासूम बच्चों को घर के कमरे में बंधक बना लिया. करीब 8 घंटे तक चले इस भयानक ड्रामा और पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद, यूपी पुलिस और एटीएस (ATS) के कमांडोज ने एनकाउंटर में आरोपी को ढेर कर इस खूनी खेल का अंत किया.
चल रहा था तंत्र-मंत्र का खेल(Azamgarh Triple Murder)
इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे जो वजह सामने आई है, वह अंधविश्वास की भयावह तस्वीर पेश करती है. ग्रामीणों और परिजनों के मुताबिक, आरोपी अरविंद सिंह के भाई गुड्डू सिंह की 8 साल पहले हत्या हो चुकी थी. अरविंद के परिवार का मानना था कि मृतक भाई का भूत/आत्मा पूरे परिवार को परेशान कर रही है. इस तथाकथित प्रेतबाधा को दूर करने के लिए घर में पिछले 4 दिनों से 4 तांत्रिक/पंडितों को बुलाकर भारी पूजा-पाठ और तंत्र-मंत्र का दौर चल रहा था.
पूजा के दौरान आपा खो बैठा अरविंद
मंगलवार की रात तंत्र-मंत्र का अनुष्ठान चरम पर था. इसी दौरान आरोपी अरविंद सिंह अचानक उग्र और पागलों जैसा व्यवहार करने लगा. वह बार-बार पंडितों से पूजा तुरंत रोकने को कहने लगा. जब पंडितों ने अनुष्ठान जारी रखा, तो अरविंद ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाली और सीधे एक पंडित पर गोली चला दी.
इसके बाद उसने दूसरे पंडित को भी गोलियों से भून डाला. दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि माहौल में फैली दहशत का फायदा उठाकर बाकी के दो पंडित अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकले.
पत्नी को क्यों मारी गोली?
दो पुजारियों की हत्या के बाद हैवान बने अरविंद का गुस्सा अपनी पत्नी पर फूटा. उसने चीखते हुए पत्नी से कहा कि तुम्हारी वजह से ही मेरे 8 साल पहले भाई की जान गई थी!” और इतना कहते ही उसने पूजा पर बैठी अपनी पत्नी को भी गोली मार दी, जिससे उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई. ट्रिपल मर्डर को अंजाम देने के बाद अरविंद ने अपने तीन मासूम बच्चों-8 वर्षीय बेटे शौर्य, 12 वर्षीय बेटी परी और मात्र 6 महीने की बच्ची को घर के एक कमरे में बंद कर लिया और खुद को असलहे के साथ अंदर लॉक कर लिया.
आधी रात एटीएस कमांडोज की एंट्री
घटना (Azamgarh Triple Murder) की सूचना मिलते ही आजमगढ़ के एसपी, एसओजी (SOG) की टीम, भारी पुलिस बल और लखनऊ/वाराणसी से एटीएस (ATS) के स्नाइपर व कमांडो मौके पर पहुंचे. पुलिस अधिकारियों ने लाउडस्पीकर से करीब 7-8 घंटे तक अरविंद को समझाने और आत्मसमर्पण करने की कोशिश की. लेकिन सिरफिरे आरोपी ने समर्पण करने के बजाय कमरे के भीतर से ही पुलिस और कमांडो टीम पर ताबड़तोड़ 6 राउंड फायर ठोक दिए. इस दौरान उसने अपने 8 साल के बेटे शौर्य पर भी गोली चला दी, जिससे माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया.
पुलिस ने 8 घंटे में किया एनकाउंटर
मासूम बच्चों की जान को खतरे में देख और खुद पर हुई फायरिंग के जवाब में पुलिस व एटीएस कमांडोज ने सख्त जवाबी कार्रवाई की. कमांडोज ने दरवाजा तोड़कर त्वरित एक्शन लिया और चलायी गई गोली में अरविंद गंभीर रूप से घायल हो गया.पुलिस ने तुरंत तीनों मासूम बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला और घायल अरविंद को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
इस तरह आजमगढ़ के शंभूपुर गांव में बीते 8 घंटे से चला आ रहा खौफनाक ‘भूतिया मर्डर मिस्ट्री’ और बंधक संकट गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच खत्म हो गया.
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-भारत एक्सप्रेस
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