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स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत: मोदी सरकार ने लॉन्च किया NFI 7th Edition और ADR-PvPI 2.0 ऐप

राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह पर मोदी सरकार ने NFI का 7वां डिजिटल संस्करण और ADR-PvPI 2.0 iOS ऐप लॉन्च किया. डब्ल्यूएचओ के मरीज सुरक्षा डेटाबेस में भारत 123वें स्थान से छलांग लगाकर दुनिया में 8वें स्थान पर पहुंच गया है.

Modi Government Launches NFI 7th Edition India Ranks 8th in WHO Patient Safety Database

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केंद्र सरकार ने भारतीय फार्माकोपिया आयोग (IPC) द्वारा आयोजित छठे राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह के दौरान देश में दवाओं और मेडिकल उपकरणों की सुरक्षा निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई अहम पहलों की शुरुआत की है. इस कार्यक्रम के तहत ‘नेशनल फॉर्मुलरी ऑफ इंडिया’ (NFI) के 7वें संस्करण और ‘ADR-PvPI 2.0’ मोबाइल ऐप का आईओएस (iOS) वर्जन लॉन्च किया गया.

बायोविजिलेंस कार्यक्रम को मिली मंजूरी

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने घोषणा की कि भारत के बायोविजिलेंस कार्यक्रम को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है. इसके जरिए अंग और ऊतक (tissue) प्रत्यारोपण प्रक्रिया के दौरान उपयोग होने वाले जैविक उत्पादों से होने वाले प्रतिकूल प्रभावों की निगरानी, रिपोर्टिंग और रोकथाम को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा.

मंत्रालय के अनुसार, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुविधा के लिए NFI के सातवें संस्करण को ‘NFI ऑनलाइन’ के माध्यम से पूरी तरह डिजिटल रूप में उपलब्ध कराया गया है, ताकि दवाओं की मानक जानकारी तुरंत मिल सके. इसके अलावा, अस्पतालों के लिए मेडिकल डिवाइस से जुड़ी सुरक्षा रिपोर्टिंग पर एक विशेष मार्गदर्शिका भी जारी की गई.

WHO डेटाबेस में भारत ने लगाई लंबी छलांग

17 से 23 सितंबर 2026 तक मनाए जा रहे इस राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह में देश-विदेश के स्वास्थ्य विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और सरकारी अधिकारियों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया कि भारत दवा सुरक्षा आंकड़ों के संग्रहण में अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है.

उन्होंने कहा, ‘वर्ष 2009-14 के दौरान भारत विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मरीज सुरक्षा डेटाबेस में 123वें स्थान पर था, जो अब सुधरकर 8वें स्थान पर पहुंच गया है.’ यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारत अब दवाओं की सुरक्षा के लिए केवल विदेशी आंकड़ों पर निर्भर नहीं है, बल्कि स्वयं वैज्ञानिक साक्ष्य तैयार कर वैश्विक स्तर पर योगदान दे रहा है.

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से आसान होगी रिपोर्टिंग

मंत्री ने जोर देकर कहा कि NFI ऑनलाइन, IP ऑनलाइन, एडीआर-पीवीपीआई 2.0 ऐप और एडीआरएमएस जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म दवाओं के संतुलित उपयोग, पारदर्शिता और प्रतिकूल प्रभावों की त्वरित रिपोर्टिंग को सुलभ बना रहे हैं. यह कदम स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है.

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-भारत एक्सप्रेस



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