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बीजेपी ने पीके के ‘सीक्रेट प्लान’ पर फेरा पानी; जानें आखिर क्यों बांकीपुर से अभिषेक की जगह नीरज सिन्हा पर खेला दांव

बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी ने चारा घोटाला कनेक्शन सामने आने के डर से अपने उम्मीदवार अभिषेक कुमार का टिकट काट दिया है. प्रशांत किशोर इस मामले का खुलासा करने वाले थे, जिसकी भनक लगते ही बीजेपी आलाकमान ने साख बचाने के लिए नीरज सिन्हा को नया प्रत्याशी बना दिया.

Bankipur By Election Inside Story: Why BJP Changed Candidate

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Bankipur By Election: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव को लेकर सियासी गलियारों में जबरदस्त हलचल है. बीजेपी ने ऐन वक्त पर यहां अपना उम्मीदवार बदलकर सबको चौंका दिया है. पहले पार्टी ने अभिषेक कुमार बंटी को मैदान में उतारा था. अभिषेक ने बकायदा नामांकन भी कर दिया था और मुख्यमंत्री समेत बिहार बीजेपी के तमाम दिग्गज नेताओं ने मंच पर उन्हें माला पहनाकर जीत का आशीर्वाद भी दे दिया था. लेकिन 24 घंटे अचानक अभिषेक ने ‘पारिवारिक कारणों’ का हवाला देकर अपना नाम वापस ले लिया.

प्रशांत किशोर के ‘सीक्रेट प्लान’ पर फिरा पानी

दरअसल, अभिषेक के माता-पिता का नाम बिहार के चर्चित चारा घोटाले से जुड़ा है और वे इसमें दोषी हैं. इस बात के सारे पुख्ता दस्तावेज आरजेडी खेमे से होते हुए प्रशांत किशोर (PK) के पास पहुंच चुके थे. पीके का प्लान था कि जैसे ही नामांकन की तारीख खत्म होगी, वे एक बड़ा खुलासा करके बीजेपी को बैकफुट पर धकेल देंगे. लेकिन ऐन वक्त पर इसकी भनक बीजेपी खेमे को लग गई.

बिहार बीजेपी की नाराजगी

असल में बीजेपी की कोर कमेटी पहले से ही अभिषेक के नाम से खुश नहीं थी. प्रदेश इकाई ने जिन तीन नामों का पैनल दिल्ली भेजा था, उन्हें दरकिनार कर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के करीबी होने के नाते अभिषेक को टिकट मिल गया था. जैसे ही चारा घोटाले का यह नया मोड़ सामने आया, बिहार बीजेपी ने तुरंत सारे कागजात दिल्ली आलाकमान को भेज दिए.

आलाकमान को समझाया गया कि यह उपचुनाव खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष की प्रतिष्ठा से जुड़ा है, ऐसे में चारा घोटाले के दाग वाले परिवार के उम्मीदवार को उतारना पूरी पार्टी की साख को दांव पर लगाना होगा. नतीजतन, बीजेपी को तुरंत अपना फैसला बदलना पड़ा और अब आम कार्यकर्ता नीरज सिन्हा को नया उम्मीदवार घोषित किया गया है.

क्या है अभिषेक के माता-पिता का पूरा मामला?

अभिषेक के पिता रवींद्र प्रसाद ‘मेसर्स मगध केमिकल्स कॉर्पोरेशन’ के मैनेजर थे. सीबीआई जांच में उन्हें सरकारी खजाने से फर्जी तरीके से पैसे निकालने का मुख्य आरोपी पाया गया था. वहीं, इस फर्म की प्रोपराइटर और अभिषेक की मां चंचला सिन्हा भी इस साजिश में बराबर की हिस्सेदार थीं. सीबीआई की विशेष अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए 2 साल की सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी. इसी पुराने मामले ने आज अभिषेक का सियासी भविष्य दांव पर लगा दिया.

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-भारत एक्सप्रेस



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