Bharat Express DD Free Dish

मासूमों की मौत से लेकर किसानों की बदहाली तक… बच्चू कडू ने गणेश उत्सव के बहाने शासन को दिखाया आईना

Maharashtra News: अमरावती के कुरलपूर्णा में विधायक बच्चू कडू के निवास पर गणेशोत्सव के दौरान एक अनोखी प्रतीकात्मक झांकी सजाई गई है. ‘क्या बच्चू, तुम चुप क्यों हो?’ थीम के जरिए किसानों, वंचितों और जिला अस्पताल हादसे के पीड़ितों की आवाज सरकार तक पहुंचाई गई है.

Maharashtra News

Maharashtra News: अमरावती जिले के कुरलपूर्णा में विधायक बच्चू कडू के निवास स्थान पर इस वर्ष गणेशोत्सव का पर्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित न रहकर जन-आंदोलन का प्रतीक बन गया है. ‘क्या बच्चू, तुम चुप क्यों हो? सरकार नहीं कर रही तो आंदोलन का हथियार उठाओ’ थीम के जरिए शासन-प्रशासन की नाकामियों पर करारा प्रहार किया गया है. बाप्पा के दरबार में सजी इस अनोखी झांकी के माध्यम से किसानों, मजदूरों और समाज के वंचित वर्गों की अनसुनी चीखों को सरकार के कानों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है. यह पहल साबित करती है कि गणेशोत्सव सामाजिक चेतना और बदलाव का एक सशक्त माध्यम बन सकता है.

अस्पताल हादसे में मासूमों की मौत पर फूटा गुस्सा

झांकी के सबसे संवेदनशील हिस्से में अमरावती जिला सामान्य अस्पताल की उस दर्दनाक घटना को दर्शाया गया है, जहां तीन मासूम बच्चों की जलकर मौत हो गई थी. इस प्रतीकात्मक दृश्य के जरिए स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही और प्रशासनिक अनदेखी को उजागर करते हुए मृत बच्चों के परिवारों के लिए न्याय की गुहार लगाई गई है.

बाघ का वार और जंगली जानवरों का बढ़ता कहर

ग्रामीण अंचलों में वन्यजीवों के बढ़ते आतंक को भी गणेशोत्सव की थीम में प्रमुखता से जगह मिली है. बाघों के हमलों में जान गंवाने वाले नागरिकों की व्यथा और जंगली सूअरों द्वारा रातों-रात फसलों को तबाह किए जाने के संकट को दर्शाकर, वन विभाग की निष्क्रियता पर सीधे सवाल खड़े किए गए हैं.

बीज संकट और प्राकृतिक आपदा से कराहता किसान

खेती-किसानी से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को उठाते हुए झांकी में किसानों के सामने खड़े नकली बीज, खाद की किल्लत और फसलों के नुकसान को प्रमुखता से पेश किया गया है. 'गणराया, तू ही बचा हमारे खेत और संसार!' के संदेश के साथ अन्नदाता की उस बेबसी को दिखाया गया है, जिस पर सरकार का ध्यान नहीं जा रहा.

दिव्यांगों, एकल और विधवा महिलाओं के हकों की आवाज

इस प्रदर्शनी में केवल किसानों ही नहीं, बल्कि समाज के सबसे उपेक्षित वर्गों- दिव्यांगों, एकल महिलाओं और विधवाओं के हक का मुद्दा भी पूरी ताकत से उठाया गया है. तीन दिनों की इस विशेष झांकी के माध्यम से बच्चू कडू ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया, तो जनहित में दोबारा बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा.

यह भी पढ़ें-5 दिन, 200 मीटर दूर मिले कटे पैर… भाजपा नेता के प्लॉट में हुए ब्लास्ट का वो ‘मिस्ट्री मैन’ आखिर कौन?

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read