रिपोर्ट- अतुल
कोलकाता के बेहाला इलाके से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुछ कार्यकर्ता पर आरोप है कि वो सरकारी दस्तावेज़ों को जलाते हुए पकड़े गए. यह मामला सामने आते ही इलाके में हंगामा शुरू हो गया और देखते ही देखते भीड़ जुट गई.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बीजेपी के कुछ कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने मौके पर पहुंचकर इन लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया. स्थिति बिगड़ती देख बेहाला पुलिस स्टेशन की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और हालात को काबू में करने की कोशिश की.
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला सिम्प्लेक्स कंपनी और करीब 14,000 करोड़ रुपये के ठेकों से जुड़ा हुआ है. तथा जिन दस्तावेज़ों को जलाया जा रहा था, उनमें सरकारी टेंडर और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े अहम कागज़ शामिल थे. यही वजह है कि इस घटना को लेकर सवाल और भी गंभीर हो गया हैं.
सिम्प्लेक्स कंपनी के एक कर्मचारी ने भी इस घटना को लेकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने माना कि इस तरह से दस्तावेज़ जलाना एक बड़ी गलती थी और इसे टाला जाना चाहिए था. हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि आखिर ये कदम क्यों उठाया गया.
जनता के मन में उठा सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी और चिंता साफ देखी जा रही है. लोगों का कहना है कि अगर यहां सरकारी टेंडर और कामकाज से जुड़े अहम दस्तावेज़ रखे गए थे, तो उन्हें इस तरह जलाना गंभीर मामला है. कई लोग इसे सबूत मिटाने की कोशिश के तौर पर देख रहे हैं.
बीजेपी ने इस मुद्दे को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है. पार्टी का कहना है कि तृणमूल को आगामी चुनावों में हार का डर सता रहा है, और इसी वजह से वे भ्रष्टाचार से जुड़े सबूत खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं, तृणमूल की ओर से इस पर अब तक कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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