Bhadohi LPG gas crisis: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र में रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत ने विकराल रूप ले लिया है. पिछले कई दिनों से कटरा और कोइरौना बाजार की गैस एजेंसियों पर ताला लटका होने के कारण ग्रामीणों का चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है. जैसे ही आज सुबह गैस सिलेंडर से लदे ट्रक के आने की खबर फैली, दोनों केंद्रों पर हजारों की संख्या में नर-नारी उमड़ पड़े.
देखते ही देखते सिलेंडर पाने की जद्दोजहद में एक किलोमीटर से भी लंबी लाइन लग गई. उमस और धूप के बीच घंटों इंतजार कर रहे लोगों का गुस्सा तब सातवें आसमान पर पहुंच गया जब लंबी कतारों के बावजूद आपूर्ति कम पड़ने लगी. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा.
एजेंसियों की ‘मनमानी’ पर फूटा गुस्सा
ग्रामीणों का सबसे बड़ा आरोप गैस एजेंसियों के संचालकों पर है. प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि जब भी वे गैस मांगने जाते हैं, तो एजेंसी कर्मचारी ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे वैश्विक तनाव और युद्ध का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि युद्ध की आड़ में गैस की कृत्रिम किल्लत पैदा की जा रही है ताकि ऊंचे दामों पर कालाबाजारी की जा सके.
कोइरौना बाजार में लाइन में खड़े एक बुजुर्ग ने कहा कि घर में हफ़्तों से गैस खत्म है, लेकिन एजेंसियां ‘इंटरनेशनल मार्केट’ का बहाना बनाकर हमें परेशान कर रही हैं. इस कथित बहानेबाजी ने ग्रामीणों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है, जिससे इलाके में शांति भंग होने का खतरा बढ़ गया है.
चिलचिलाती धूप में बेहाल जनता
भीड़ बेकाबू होते देख मौके पर पहुंची पुलिस ने मोर्चा संभाला और कतारों को व्यवस्थित कराया. पुलिस की मौजूदगी में ही सिलेंडरों का वितरण शुरू हो सका, लेकिन मांग के मुकाबले आपूर्ति बेहद कम होने के कारण कई लोगों को खाली हाथ ही लौटना पड़ा. कोइरौना और कटरा के बाजारों में अफरा-तफरी का आलम यह था कि लोग अपनी बारी आने के इंतजार में सड़क के किनारे ही बैठ गए. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि वे आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू करने के लिए तेल कंपनियों से संपर्क में हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर जनता को तत्काल राहत मिलती नहीं दिख रही है.
प्रशासनिक चुप्पी से बढ़ता सियासी पारा
भदोही के इस गैस संकट ने अब राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज कर दी है. विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि स्थानीय प्रशासन और आपूर्ति विभाग की लापरवाही के कारण कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद हैं. युद्ध के नाम पर ग्रामीणों को गुमराह करना एक सोची-समझी साजिश है.
वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटों के भीतर गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई और एजेंसियों की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो वे तहसील मुख्यालय का घेराव करेंगे. फिलहाल, भदोही के इन ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडर की तलाश में भटकते लोग शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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