'भारत टैक्सी' से जुड़े 7.97 लाख 'सारथी'
Bharat Taxi App: मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी ‘भारत टैक्सी’ (Bharat Taxi) पहल को देशभर के ड्राइवरों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है. संसद में सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस डिजिटल ऐप मोबिलिटी प्लेटफॉर्म से अब तक 7.97 लाख से अधिक ‘सारथी’ (ड्राइवर-पार्टनर) जुड़ चुके हैं.
गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में बताया कि 19 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में सबसे ज्यादा 2.55 लाख सारथी इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं. वहीं गुजरात में 1.01 लाख और महाराष्ट्र में 71,095 सारथी पंजीकृत हो चुके हैं.
क्या है जीरो-कमीशन मॉडल?
गृह मंत्री अमित शाह ने सदन को बताया कि भारत टैक्सी पूरी तरह जीरो-कमीशन मॉडल (Zero-Commission Model) पर काम करती है. प्राइवेट एग्रीगेटर्स (जैसे ओला-उबर) के विपरीत, इस प्लेटफॉर्म के जरिए बुक की गई सवारी के किराये में से ड्राइवर की कमाई पर कोई कमीशन नहीं काटा जाता.
ऐप के रखरखाव और तकनीक के खर्च के लिए ड्राइवरों से केवल एक मामूली सब्सक्रिप्शन या प्लेटफॉर्म शुल्क लिया जाता है, जिससे उनकी कुल कमाई पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता.
सहकारी मॉडल और ड्राइवरों के लिए कल्याणकारी योजनाएं
भारत टैक्सी का संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL) द्वारा किया जा रहा है. जो भी ड्राइवर इसके सदस्य बनते हैं, उन्हें मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट, 2002 के तहत कई वित्तीय और कल्याणकारी लाभ दिए जा रहे हैं:
बीमा और लोन सुविधा: रियायती दर पर स्वास्थ्य और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा.
आसान वाहन वित्तपोषण: एसबीआई मुद्रा ऋण (SBI Mudra Loan) और अन्य बैंकों के माध्यम से रियायती लोन.
विशेष प्रशिक्षण: डिजिटल ऐप उपयोग, ग्राहक सेवा, सड़क सुरक्षा और यात्री सुरक्षा के लिए समय-समय पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम.
सरकार का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर, गुजरात और महाराष्ट्र में मिली सफलता के बाद, जल्द ही जरूरी कानूनी और परिचालन प्रक्रियाओं को पूरा कर इसका विस्तार अन्य राज्यों और शहरों में भी किया जाएगा.
यह भी पढ़िए: स्मार्टफोन बना भारत का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट! देश में बन रहे 99% मोबाइल
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





