Bharat Tiwari encounter: भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले पर बिहार सरकार ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है. पटना में आयोजित ‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि इस घटना को सरकार ने गंभीरता से लिया है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए तुरंत न्यायिक आयोग का गठन किया गया है.
दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन
सीएम ने साफ कहा कि यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी समस्या को हल्के में नहीं लेती और तुरंत कदम उठाती है. भोजपुर की घटना के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर ज्यूडिशियल कमीशन बनाने का फैसला इसी सोच का हिस्सा है.
विपक्ष का दबाव
भरत तिवारी मामले को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर रहा है और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है. ऐसे में मुख्यमंत्री का यह बयान राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है, क्योंकि अब तक सरकार की ओर से इस मामले पर सीधी प्रतिक्रिया बहुत कम आई थी.
सहयोग शिविर योजना का जिक्र
अपने संबोधन में सम्राट चौधरी ने सरकार की ‘सहयोग शिविर’ योजना का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत अब तक करीब 3.70 लाख आवेदन मिले हैं और हजारों मामलों का निपटारा किया गया है.
जवाबदेही तंत्र
सीएम ने कहा कि सरकार ने ऐसा सिस्टम बनाया है जिसमें आवेदन मिलने के 10 दिन के भीतर कार्रवाई न होने पर संबंधित अधिकारी को नोटिस भेजा जाता है. 20 दिन तक कार्रवाई न होने पर दूसरा नोटिस और 25 दिन बाद अंतिम चेतावनी दी जाती है.
सख्त अनुशासन
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि 30 दिनों में भी आवेदन पर आदेश जारी नहीं होता है तो 31वें दिन अधिकारी को सीधे निलंबित कर दिया जाएगा. उनका कहना है कि सरकार की प्राथमिकता है कि जनता को समय पर न्याय और राहत मिले.
भरत तिवारी मामले पर मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा है और पीड़ित परिवार न्यायिक जांच के साथ कार्रवाई की मांग कर रहा है. अब सबकी निगाहें न्यायिक आयोग की जांच और उसके नतीजों पर टिकी हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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