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किसानों की बड़ी जीत! भोपाल में खत्म हुआ आंदोलन, जानें किन-किन शर्तों पर मानी सरकार

Bhopal Farmers Protest: भोपाल में संयुक्त किसान मोर्चा का आंदोलन समाप्त. मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की किन-किन शर्तों पर सहमति जाताई. आइए जानते हैं.

Bhopal Farmers Protest

Bhopal Farmers Protest: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले कई दिनों से चल रहा किसानों का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है. संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सरकार के साथ हुई विस्तृत बातचीत के बाद धरना खत्म करने का फैसला लिया. सरकार की ओर से किसानों की कई प्रमुख मांगों पर सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया गया, जिसके बाद आंदोलन वापस लेने की घोषणा की गई.

इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गठित मंत्री समूह ने किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ मंत्रालय में बैठक की. बैठक में किसानों से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और ऐसे फैसले लिए गए, जिनसे बड़ी संख्या में किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है.

मूंग की MSP खरीदी में बड़ी राहत

बैठक के बाद प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने बताया कि इस वर्ष केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के लिए ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद का लक्ष्य 4.52 लाख मीट्रिक टन तय किया था. केंद्र के नियमों के अनुसार कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदा जा सकता था.

हालांकि किसानों की मांग और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है. अब पात्र किसानों से मूंग की उपज का केवल 25 प्रतिशत नहीं, बल्कि 60 प्रतिशत तक उपार्जन किया जाएगा. मंत्री के अनुसार नर्मदापुरम, सीहोर और हरदा जैसे प्रमुख उत्पादक जिलों में यह लगभग 3 क्विंटल प्रति एकड़ के बराबर होगा. सरकार का कहना है कि इस फैसले का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी.

स्लॉट बुकिंग के लिए मिला अतिरिक्त समय

सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्लॉट बुकिंग की समय-सीमा भी बढ़ा दी है. पहले जहां 30 जुलाई तक स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख तय थी, अब इसे बढ़ाकर 10 अगस्त कर दिया गया है. वहीं मूंग उपार्जन की अंतिम तिथि भी 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी गई है, ताकि अधिक किसान अपनी उपज MSP पर बेच सकें.

ई-टोकन से खाद वितरण बंद

बैठक में खाद वितरण के लिए लागू की गई ई-टोकन प्रणाली को लेकर भी किसानों ने कई शिकायतें रखीं. किसानों का कहना था कि नई व्यवस्था के कारण उन्हें व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का फैसला किया है.


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यह समिति ई-टोकन व्यवस्था की सभी तकनीकी और व्यावहारिक चुनौतियों की समीक्षा करेगी और सरकार को सुधार संबंधी सुझाव देगी. समिति की रिपोर्ट आने और आवश्यक बदलाव लागू होने तक ई-टोकन के जरिए खाद वितरण की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गई है.

-भारत एक्सप्रेस



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