Bhopal Slaughter House News: अजय भटनागर/भोपाल | मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 26 टन से अधिक गौमांस बरामद होने के मामले ने पूरे प्रदेश में सियासी और सामाजिक उबाल ला दिया है. भोपाल नगर निगम के स्लॉटर हाउस में चल रहे इस अवैध कारोबार का पर्दाफाश होने के बाद अब सरकार एक्शन मोड में है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का जिम्मा अब थाना स्तर से हटाकर विशेष जांच दल (SIT) को सौंप दिया गया है. भोपाल बीफ कांड की परतें खोलने के लिए एसीपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है.
कौन है मास्टरमाइंड? (SIT Investigation in Bhopal)
पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी स्लॉटर हाउस संचालक असलम चमड़ा और मांस का परिवहन करने वाले एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है. एडिशनल डीसीपी (जोन-1) रश्मि अग्रवाल ने बताया कि एसआईटी में एसीपी के अलावा दो थाना प्रभारी स्तर के अधिकारी शामिल हैं, जो मामले की तह तक जाएंगे. हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि क्या असलम चमड़ा महज एक मोहरा है? क्या इस काले कारोबार के पीछे सफेदपोश रसूखदारों का हाथ है?
‘बिना रिमांड जेल क्यों भेजा?’ (Aslam Chamda Bhopal Beef Scandal)
दूसरी तरफ कांग्रेस ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. कांग्रेस महासचिव अमित शर्मा ने आरोप लगाया कि जब गौमांस की पुष्टि हो चुकी है तो मुख्य आरोपी असलम चमड़ा को बिना पुलिस रिमांड और पूछताछ के सीधे जेल क्यों भेज दिया गया? विपक्ष का दावा है कि बड़ी मछलियों को बचाने और सबूतों को रफा-दफा करने के लिए ही एसआईटी का गठन किया गया है. उन्होंने सवाल दागा कि इस सिंडिकेट में शामिल अन्य रसूखदारों को पूछताछ के लिए अब तक क्यों नहीं बुलाया गया?
ये भी पढ़ें: मुश्किलें टली हैं खत्म नहीं हुईं: ‘अब बहाना नहीं चलेगा..’, राहुल गांधी को सुल्तानपुर MP-MLA कोर्ट का नया फरमान
थमने वाला नहीं है मामला (Bhopal Municipal Corporation Slaughter House)
हिंदू संगठनों और विपक्ष के आक्रामक तेवरों को देखकर साफ है कि यह मामला जल्दी ठंडा नहीं होने वाला. भारत एक्सप्रेस ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है. लोगों की आस्था से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब जनता एसआईटी से सिर्फ खानापूर्ति नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई और बड़े खुलासों की उम्मीद कर रही है. खैर अब देखना होगा कि SIT के गठन के बाद मामला किस ओर जाता है और इससे जुड़े लोग कब तक पुलिस की पकड़ में आते हैं.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



