नतांश पटेल/जयपुर: राजस्थान के जयपुर में इस कार्रवाई से राजस्थान पुलिस ने एक मजबूत संदेश दिया है कि अपराधी चाहे कितने भी समय तक छिपे रहें, उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा. मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी से न सिर्फ पुराने मामलों को सुलझाने में मदद मिलेगी, बल्कि गैंग के पूरे नेटवर्क, फंडिंग और अन्य आपराधिक गतिविधियों का भी खुलासा हो सकता है. इससे आने वाले समय में संगठित अपराध पर और सख्त कार्रवाई की राह खुलेगी और अपराधियों में डर का माहौल बनेगा.
तीन साल बाद मुख्य आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों को पकड़कर पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि अपराधी कहीं भी छिपे हों, बच नहीं सकते.
जयपुर में राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने बड़ी सफलता हासिल की है. सुजानगढ़ के चर्चित ‘जेडीजे ज्वैलर्स’ फायरिंग मामले के ‘जेडीजे ज्वैलर्स’ फायरिंग का मुख्य आरोपी कृष्ण सिंह को करीब तीन साल बाद गिरफ्तार कर लिया गया है.
कृष्ण सिंह कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेन्द्र चारण गैंग से जुड़ा हुआ था. उस पर रंगदारी के लिए फायरिंग, हत्या और धमकी जैसे गंभीर आरोप हैं. वह लंबे समय से पुलिस की वांटेड लिस्ट में शामिल था.
कुल 27 आपराधिक मामले दर्ज
पुलिस ने इस कार्रवाई में एक और बड़े अपराधी लक्ष्मण सिंह को भी गिरफ्तार किया है. लक्ष्मण सिंह पर 27 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह वैशाली नगर व मकराना पुलिस के लिए लंबे समय से परेशानी बना हुआ था. इस पूरे ऑपरेशन को दिनेश एम एन के निर्देशन में अंजाम दिया गया. AGTF टीम के कई अधिकारियों और जवानों ने मिलकर इस मिशन को सफल बनाया.
दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ शुरू
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है. उम्मीद है कि इससे गैंग के नेटवर्क, फंडिंग और अन्य आपराधिक गतिविधियों के बारे में और जानकारी सामने आएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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