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Matihani Vidhan Sabha Election: राजद के नाव पर सवार हुआ ये बाहुबली? कभी जदयू के कद्दावर नेता के तौर पर थी पहचान

Matihani Vidhan Sabha Election: जदयू के कद्दावर नेता और बाहुबली बोगो सिंह जदयू छोड़कर राजद में शामिल हो गये हैं. उनकी तेजस्वी यादव के साथ फोटो वायरल हो रही थी.

Bahubali Bogo Singh Matihani

बिहार में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है. सूबे में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. बेगूसराय का मटिहानी विधानसभा में अलग राजनीतिक बयार बह रही है. यहां से चार बार के विधायक रह चुके बाहुबली नेता नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह सियासत में नई उड़ान भरने निकल चुके हैं. उन्होंने जदयू छोड़कर राजद का दामन थाम लिया है. कभी वो जदयू के कद्दावर नेता माने जाते थे, लेकिन इस बार उनका राजनीतिक मिजाज कुछ और लग रहा है.

बोगो सिंह अब तेजस्वी यादव के साथ नजदीकियां बढ़ा रहे थे. हाल ही में उनकी तेजस्वी यादव के साथ तस्वीर सामने आने के बाद कयासों का बाजार गर्म हो गया था. सोशल मीडिया पर चर्चाएं चल रही थी कि क्या बोगो सिंह इस बार तेजस्वी के पाले से चुनावी उड़ान भरेंगे या फिर कुछ और बात है.

बोगो सिंह लड़ेंगे राजद के टिकट पर चुनाव?

तेजस्वी यादव के साथ फोटो वायरल होने के बाद कुछ लोग इसे मास्टरस्ट्रोक बता रहे हैं, तो वहीं कुछ उनको दलबदलू का टैग दे रहे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक ग्रामीण ने कहा कि बोगो सिंह दलबदलू नेता हैं. ऐसे नेताओं को जनता कभी माफ नहीं करती. ये नेता कुर्सी के लिए कुछ भी कर सकते हैं. यहां तक की ये पैसे लगाकर कुर्सी भी खरीद सकते हैं.

“भरोसे के लायक नहीं हैं बोगो सिंह”

वहीं एक दूसरे ग्रामीण ने बताया कि ये भरोसे के लायक नहीं हैं. अगर ये काम करते तो जनता इन्हें काम के नाम पर वोट देती. लेकिन ये सिर्फ कुर्सी तोड़ने वाले नेता हैं.

निर्दलीय जीत दर्ज कर पहली बार पहुंचे विधानसभा

बता दें कि, बोगो सिंह ने 2005 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय जीत दर्ज की थी. इसके बाद वो जदयू में शामिल हो गए और साल 2010 और 2015 के चुनाव में जदयू के टिकट पर जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे.

कोरोना काल में बोगो सिंह ने अपने ही अधिकारियों पर कफनचोरी का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि, इस महामारी के दौर में गरीबों के कफन बेचकर अधिकारी कमीशनखोरी कर रहे हैं. वे पैसे अपने बच्चों को देंगे तो वो कफन ही माना जाएगा.

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क्या है मटिहानी का सियासी समीकरण?

मटिहानी विधानसभा में यादव, भूमिहार, मुसलमान और दलितों की अच्छी खासी आबादी है. अगर बोगो सिंह राजद से चुनावी मैदान में उतरते हैं तो यह राजद के लिए एक सिरदर्द साबित हो सकते हैं. क्योंकि इनकी छवि एक बाहुबली के तौर पर है. यहां इनका व्यक्तिगत कैडर वोटबैंक तो है, लेकिन राजद के पारंपरिक समर्थक और सीपीआई के लोग इनसे दूर हो सकते हैं. जो कि राजद के लिए बड़ा सेटबैक होगा.

– भारत एक्सप्रेस



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