Bihar DA Hike: पटना/आशुतोष कुमार: बिहार में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आज का दिन किसी बड़े त्योहार से कम नहीं है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सत्ता की कमान संभालते ही राज्य के विकास और कर्मचारियों की भलाई के लिए तिजोरी खोल दी है. राज्य सरकार की नई कैबिनेट बैठक में कुछ ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं, जिन्होंने सीधे तौर पर लाखों कर्मचारियों की ‘बल्ले-बल्ले’ कर दी है.
बिहार में सिर्फ महंगाई भत्ता (DA) ही नहीं बढ़ा, बल्कि प्रशासन को चुस्त करने, उद्योगों की वापसी और युवाओं को ‘पर्यावरण अनुकूल’ रोजगार देने के लिए करोड़ों रुपये का फंड भी पास कर दिया गया है. आइए डिकोड करते हैं सम्राट सरकार की उस हाई-पावर कैबिनेट मीटिंग को, जिसने बिहार में विकास की नई लहर दौड़ा दी है.
CM सम्राट चौधरी ने करा दी ‘बल्ले-बल्ले’ (DA Hike In Bihar)
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार पूरी तरह से ‘एक्शन और डिलीवरी’ मोड में आ चुकी है. राज्य कैबिनेट की ताजा बैठक में कई ऐसे अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी है, जो बिहार की प्रशासनिक और आर्थिक तस्वीर को बदलने वाले हैं. सबसे बड़ी खुशखबरी राज्य के लाखों सरकारी सेवकों और पेंशनभोगियों के लिए आई है, जिनका महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाकर सरकार ने उनकी ‘बल्ले-बल्ले’ कर दी है.
कर्मचारियों के लिए खुला खजाना (CM Samrat Choudhary DA Hike)
- कैबिनेट ने 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से महंगाई भत्ते (DA Hike) में भारी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है.
- सप्तम केंद्रीय वेतन संरचना वाले कर्मचारियों का DA 58% से बढ़ाकर 60% (2% की वृद्धि) कर दिया गया है.
- छठा वेतनमान पा रहे कर्मचारियों का DA 257% से बढ़ाकर 262% कर दिया गया है.
- पांचवा वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का DA 474% से उछलकर 483% हो गया है.
5 जिलों में पुलिसिंग होगी मजबूत
कानून-व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त करने के लिए राज्य सरकार ने 5 प्रमुख जिलों पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान में ‘पुलिस अधीक्षक ग्रामीण’ (SP Rural) के 5 नए पदों को स्वीकृति दे दी है. वहीं, किशनगंज में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को निशुल्क जमीन देने पर भी मुहर लग गई है.
उद्योग और निवेश को बंपर बूस्टर
बिहार में उद्योगों का जाल बिछाने के लिए सम्राट सरकार ने बड़े और रिकॉर्ड फैसले लिए हैं. वैशाली में 101 एकड़ भूमि पर ‘राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता प्रबंधन संस्थान’ (NIFTEM) की स्थापना के लिए जमीन को मंजूरी दे दी गई है. सिकंदरपुर बिहटा में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली के तहत वित्तीय प्रोत्साहन को क्लियरेंस मिल गया है. उद्योग विभाग की क्लस्टर विकास योजना के तहत ‘सामान्य सुविधा केंद्र’ को भी हरी झंडी दिखा दी गई है.
रोजगार और पर्यावरण का अनोखा संगम
युवाओं को रोजगार से जोड़ने और पर्यावरण को बचाने के लिए ‘मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना’ का गठन किया गया है. इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए सरकार ने 1 अरब 10 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है. इसके साथ ही, बिहार इलेक्ट्रिक वाहन संशोधन 2026 को भी कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है.
अन्य अहम फैसले
- उच्च शिक्षा: उन्नत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक महाविद्यालय में 44 पदों के हिसाब से कुल 132 नए पदों का सृजन किया गया है.
- भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: काम में कोताही और अनियमितता के चलते तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मो. इरशाद अंसारी को सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है.
- सरकार ने राज्य के विकास कार्यों को निर्बाध रूप से चलाने के लिए आवश्यकतानुसार ऋण लेने के प्रस्ताव को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी है.
पहली फुल कैबिनेट में तगड़े फैसले (Bihar Employee DA Hike)
सम्राट चौधरी की इस कैबिनेट बैठक ने स्पष्ट कर दिया है कि नई सरकार का पूरा फोकस ‘गुड गवर्नेंस’, इंडस्ट्रियल ग्रोथ और कर्मचारियों की खुशहाली पर है. इन फैसलों से पूरे राज्य में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है.
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