Bihar Election 2025: बिहार में जनता अपनी सरकार चुनने के लिए पहले चरण में जमकर मतदान कर रही है. मोटे तौर पर पूरे प्रदेश में वोटिंग शांतिपूर्वक हो रही है. हालांकि, कुछ स्थानों से छोटी मोटी घटनाएं सामने आई हैं. दरभंगा जिले की दरभंगा विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 260 से बोगस वोटिंग का मामला सामने आया है. इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की गई है. जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार इस मामले को लेकर थाना अध्यक्ष के निलंबन तक धरने पर बैठ गए हैं.
चुनाव (Bihar Election 2025) में बोगस वोटिंग को लेकर सियासी दलों के समर्थकों में तनाव है. गौराबौराम विधानसभा क्षेत्र में दो युवकों को फर्जी मतदान गिरफ्तार किया गया है. महुआ से भी दो लोगों के गिरफ्तार होने की खबर है.
थाना अध्यक्ष के निलंबन तक धरना
दरभंगा विधानसभा क्षेत्र में जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार राकेश कुमार मिश्रा पुलिसिया बदतमीजी के शिकार बन गए. वह 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और अतिरिक्त महानिदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं. आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान उनके साथ हुए स्थानीय दबंगीन ने दुर्व्यवाहर किया और शिकायत की तो स्थानीय पुलिस ने भी दबंगो का साथ दिया. मिश्रा इसके विरोध में नगर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. उन्होंने एलान किया है कि थानाध्यक्ष के निलंबन तक वह धरने से नहीं उठेंगे.
ये भी पढ़ें: पाकिस्तान में बिहार चुनाव की चर्चा: पीएम मोदी पर क्रिटिक, राहुल पर रहम; ‘Dawn’ ने क्या लिखा?
मकान मालिक ने का बदतमीजी
मिश्रा ने आरोप लगाया है कि चुनाव प्रचार के दौरान उनके समर्थक ने एक घर के बाहर अचार संहिता का उललंघन करके लगाए गए बड़े पोस्टर और बैनर की तस्वीर खींची थी. जिसके बाद उस मकान के मालिक ने उनसे बदतमीजी की और उन्हें धमकी दी. जब उन्होंने पुलिस को इत्तला दी और थानाध्यक्ष अरविन्द कुमार मौके पर पहुंचे तो उनके सहयोगियों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया. लेकिन थानाध्यक्ष ने आरोपी को मौके पर ही छोड़ दिया.

निर्वाचन अधिकारी को लिखा पत्र
राकेश कुमार मिश्रा ने निर्वाचन अधिकारी को दी लिखित शिकायत में आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस दूसरे दल के नेताओं के प्रभाव में काम कर रही है और यही वजह है कि जब उन्होंने इस मामले में अपने बयान दर्ज कराने चाहे तो थानाध्यक्ष अरविन्द कुमार ने बयान दर्ज करने से साफ़ इंकार कर दिया और उनके साथ दुर्व्यवाहर किया.
ये भी पढ़ें: Voter ID नहीं है, फिर भी डाल सकते हैं वोट, जानें EVM में कितनी देर दबाना है?
बिहार चुनाव (Bihar Election) से जुड़ी तमाम खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
उनका यह भी आरोप है कि इस थानाध्यक्ष के रहते यहां निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकता. लिहाजा उन्होंने निर्वाचन आयोग से थानाध्यक्ष को निलंबित करने की मांग की है. उनका आरोप है कि इससे पहले भी उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ था. इस घटना के विरोध में वह नगर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए हैं और उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक थानाध्यक्ष का निलंबन नहीं होगा वह धरना जारी रखेंगे.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


