बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन पर छिड़ी सियासी बहस के बीच चुनाव आयोग (Election Commission) ने बड़ा फैसला लिया है. चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट में मतदाताओं को नाम जुड़वाने के लिए एक महीने की मोहलत दे दी है. चुनाव आयोग के मुताबिक, SIR आदेश के पैरा 7(5) के तहत किसी भी मतदाता को वोटर लिस्ट में अपना नाम डलवाने के लिए एक 1 अगस्त से एक सितंबर तक का समय दिया गया है.
Election Commission ने जारी किया आदेश
चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि अगर किसी वोटर का नाम बीएलओ या फिर बीएलए द्वारा दर्ज नहीं किया गया है, या फिर गलत तरीके से जुड़ गया है, तो ऐसे में उसे एक महीने का समय दिया जा रहा है. इस दौरान कोई भी मतदाता अपना जान वोटर लिस्ट में जुड़वा सकेगा.
Election Commission ने राजनीतिक दलों के साथ शेयर की जानकारी
आपको बता दें कि 20 जुलाई को SIR के पहले चरण में अब तक जमा किए गए गलत फॉर्म की जानकारी चुनाव आयोग के द्वारा 12 प्रमुख राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों द्वारा नामित बीएलए के साथ शेयर की गई है.
कहां जुड़वा सकते हैं नाम?
बिहार के जो भी वोटर्स अस्थायी रूप से राज्य के बाहर रह रहे हैं, या फिर किसी अन्य जगहों पर वोटर लिस्ट में अपना नाम दर्ज नहीं कराया है, वो सभी चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://voters.eci.gov.in या ECINet ऐप के जरिए ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं. इसके अलावा मैनुअल तरीके से बीएलओ को फॉर्म भरकर सौंप सकते हैं.
चुनाव आयोग (Election Commission) ने कहा है कि 1 अगस्त को ड्राफ्ट सूची पब्लिश होने के बाद, कोई भी व्यक्ति या फिर राजनीतिक पार्टी 1 सितंबर 2025 तक अपने विधानसबा के संबंधित ERO/AERO के पास आपत्ति दर्ज करा सकता है.
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गौरतलब है कि बिहार की सियासत में वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर हंगामा मचा हुआ है. विपक्ष इसका जमकर विरोध कर रहा है. वहीं नीतीश कुमार की सरकार इसके पक्ष में हैं. विपक्ष का कहना है कि SIR के लिए जो 11 डॉक्यूटमेंट्स चुनाव आयोग की ओर से मांगे जा रहे हैं, उसे गरीब आदमी कहां से पूरा करेगा, क्योंकि उनके पास इतने डॉक्यूमेंट्स नहीं होंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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