बिहार में लगातार बढ़ रहे नदी के जलस्तर ने एक बार फिर बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है. गंडक समेत राज्य की कई प्रमुख नदियां अलग-अलग जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. हालात का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया. इस दौरान उन्होंने वैशाली, सारण, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज के प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखी.
हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री गोपालगंज के डुमरिया घाट पहुंचे. यहां उन्होंने गंडक नदी के बढ़े हुए जलस्तर का मौके पर निरीक्षण किया और अधिकारियों से मौजूदा स्थिति की जानकारी ली. अधिकारियों ने उन्हें बताया कि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
निचले इलाकों पर खास नजर रखने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि निचले और संवेदनशील इलाकों में निगरानी लगातार जारी रहनी चाहिए. उन्होंने राहत और बचाव के काम में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतने को कहा.
जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, गंडक, कोसी, बागमती, कमला बलान, लालबकेया और घाघरा नदियों का जलस्तर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में खतरे के निशान को पार कर चुका है. कई जगहों पर पानी का स्तर बढ़ने का सिलसिला भी जारी है.
गंडक नदी डुमरिया घाट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. इसी तरह कोसी नदी बलतारा में लाल निशान के ऊपर है. बागमती नदी भी ढेंग, सोनाखान, डुबाधार, कटौंझा और बेनीबाद में खतरे के निशान से ऊपर दर्ज की गई है. झंझारपुर में कमला बलान और दरौली में घाघरा नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान को पार कर गया है.
तटबंधों की रात में भी होगी निगरानी
डुमरिया घाट में मुख्यमंत्री ने तटबंधों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए. उन्होंने खास तौर पर रात के समय पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी तरह की समस्या सामने आने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.
उन्होंने जिला प्रशासन के साथ एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी जोर दिया. जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव दल को बिना देरी के प्रभावित इलाकों में पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं.
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई के जरिए भोजन और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को भी कहा गया है. सरकार की कोशिश है कि पानी बढ़ने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ-साथ उन्हें रोजमर्रा की जरूरी मदद भी मिलती रहे.
गंडक बैराज से छोड़ा गया था 5.43 लाख क्यूसेक पानी
सोमवार सुबह वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से अधिकतम 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था. हालांकि, बाद में बैराज से पानी का डिस्चार्ज कम होने लगा. इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जलस्तर, बैराज से पानी की निकासी और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने को कहा है.
प्रशासन को खास तौर पर उन इलाकों में सतर्क रहने को कहा गया है जहां नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा है या पहले से ही निचले इलाकों में पहुंच चुका है.
राहत के लिए हाउसिंग बोर्ड ने दिए 5 करोड़ रुपये
इस बीच बिहार स्टेट हाउसिंग बोर्ड ने बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में पांच करोड़ रुपये की सहायता दी है. बोर्ड की ओर से पांच करोड़ रुपये का चेक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सौंपा गया.
मुख्यमंत्री ने इस सहयोग के लिए हाउसिंग बोर्ड का आभार जताया. उन्होंने कहा कि आपदा और मुश्किल हालात में यह राशि जरूरतमंद लोगों की सहायता में इस्तेमाल की जा सकेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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