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बिहार में पहले बढ़ाया DA, अब लगा दी बत्ती! CM सम्राट चौधरी का कर्मचारियों को अल्टीमेटम

Samrat Choudhary Rules on Salary: बिहार सरकार ने सरकारी दफ्तरों में अनुशासन बढ़ाने के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस (BBAS) अनिवार्य कर दिया है. निर्धारित समय पर दफ्तर न आने वाले कर्मचारियों की सैलरी कटेगी और प्रशासनिक कार्रवाई होगी. पढ़ें पूरी इनसाइड रिपोर्ट

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Bihar Samrat Choudhary Rules on Salary: बिहार के सरकारी दफ्तरों में बरसों से चली आ रही ‘लेट-लतीफी’ और ‘साहब गायब हैं’ वाली कार्यसंस्कृति पर नीतीश-सम्राट सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा हंटर चला दिया है. हाल ही में कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी कर खुशियों का तोहफा देने वाली सरकार अब पूरी तरह से ‘नो वर्क, नो पे’ के मूड में आ गई है. डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री सम्राट चौधरी के कड़े तेवरों के बीच सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक बेहद सख्त फरमान जारी कर दिया है.

अब बिहार के सरकारी बाबू सिर्फ कागजों पर या दफ्तर के रजिस्टर में पेन चलाकर अपनी हाजिरी नहीं मान पाएंगे. सरकार ने साफ कर दिया है कि जब तक मशीन पर अंगूठा नहीं लगेगा, तब तक खाते में सैलरी नहीं आएगी.

पंचायत से जिला स्तर तक लागू हुआ ‘अंगूठा नियम’ (Bihar Govt Employee Biometric Attendance)

सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, अब बिहार बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (BBAS) को राज्य के हर छोटे-बड़े सरकारी दफ्तर में अनिवार्य कर दिया गया है. यह नई व्यवस्था किसी एक विभाग के लिए नहीं, बल्कि पंचायत स्तर से लेकर प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर तक के सभी सरकारी कार्यालयों में तुरंत प्रभाव से लागू होगी. इस तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली का सीधा मकसद मानवीय हस्तक्षेप (मैनुअल छेड़छाड़) को पूरी तरह खत्म करना है.

देर से आए तो कटेगी सैलरी, एक्शन की तैयारी

बिहार सरकार को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कई विभागों के कर्मचारी या तो दफ्तर देर से आते हैं या फिर लंच के बहाने समय से पहले ही गायब हो जाते हैं. आम जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए घंटों दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं. अब इस पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने अल्टीमेटम दिया है:

  • वेतन पर रोक: यदि किसी कर्मचारी की बायोमेट्रिक उपस्थिति का वास्तविक रिकॉर्ड दर्ज नहीं होगा, तो उसका वेतन भुगतान रोक दिया जाएगा.
  • छुट्टियों में कटौती: निर्धारित समय से देर से आने वाले कर्मियों की आकस्मिक छुट्टियों (CL) से दिनों का समायोजन किया जाएगा.
  • प्रशासनिक कार्रवाई: लगातार लापरवाही बरतने वाले बाबुओं के खिलाफ विभागीय स्तर पर सख्त प्रशासनिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

दफ्तर के ‘बॉस’ की तय हुई जिम्मेदारी (Bihar Govt Notification June 2026)

इस व्यवस्था में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए कार्यालय प्रमुखों (Head of Departments) की जवाबदेही भी तय कर दी गई है. अब हर महीने के अंत में दफ्तर के प्रमुख को सभी कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति का प्रिंट आउट निकालकर विभागीय समीक्षा के लिए भेजना होगा.

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इसके साथ ही, सरकार ने जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश दिया है कि जिन दफ्तरों में बायोमेट्रिक मशीनें खराब हैं, उन्हें 24 घंटे के भीतर दुरुस्त कराया जाए और जहां अभी तक मशीनें नहीं लगी हैं, वहां तत्काल स्थापना सुनिश्चित की जाए. व्यवस्था की कड़ाई से मॉनिटरिंग के लिए हर जिले में विशेष नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है. साफ है कि सम्राट चौधरी के इस कड़े रुख ने साफ कर दिया है कि हक के साथ-साथ अब कर्मचारियों को दफ्तर में ड्यूटी और अनुशासन का पूरा पाठ पढ़ना होगा.



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