बिहार के अस्पताल से लीक हुआ अश्लील वीडियो
हाजीपुर/वैशाली, 7 जुलाई 2026: बिहार के स्वास्थ्य महकमे और सरकारी दावों की पोल खोलती हुई एक ऐसी झकझोर देने वाली और खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने पूरे राज्य को शर्मसार कर दिया है. वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित एक सरकारी अस्पताल के एक्स-रे रूम को ही वहां के कर्मचारियों ने अय्याशी और कुकर्म का अड्डा बना दिया. इलाज कराने आई एक मजबूर, गरीब और दिमागी रूप से कमजोर महिला के पास जब एक्स-रे की फीस के महज ₹100 नहीं थे, तो अस्पताल के कर्मचारियों ने रुपयों के बदले उसकी अस्मत का सौदा कर डाला और उस घिनौने कृत्य का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.
यह शर्मनाक और दिल दहला देने वाला वीडियो पिछले दो-तीन दिनों से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे बिहार स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है. इस वीडियो को देखकर सूबे के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी शर्म से पानी-पानी हो जाएंगे. आधिकारिक तौर पर जिला प्रशासन और पुलिस महकमा अब इस पूरे मामले की लीपापोती और जांच के दावों में जुट गया है. जैसा कि फीचर इमेज में वैशाली (हाजीपुर) के समाहरणालय की मुख्य इमारत को देखा जा सकता है, जहां से इस पूरे संवेदनशील मामले की प्रशासनिक मॉनिटरिंग और जांच के आदेश जारी किए गए हैं.
महज ₹100 के लिए रक्षकों ने ही लूटी महिला की अस्मत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह वायरल वीडियो हाजीपुर के राजापाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के एक्स-रे रूम का है. वीडियो इतना आपत्तिजनक और घिनौना है कि इसे टीवी स्क्रीन या खुले तौर पर दिखाया नहीं जा सकता. वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि जिस एक्स-रे बेड पर गंभीर मरीजों को लिटाकर उनका एक्स-रे किया जाता है, उसी बेड पर एक महिला का घोर यौन शोषण किया जा रहा है.

कृत्य का वीडियो मोबाइल से बनाया, अब इंटरनेट पर लीक
अस्पताल के अंदरूनी सूत्रों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित महिला राजापाकर क्षेत्र की ही रहने वाली है, जो कुछ दिन पहले अपने एक परिजन का इलाज कराने अस्पताल पहुंची थी. डॉक्टरों ने मरीज को एक्स-रे कराने की सलाह दी थी. जब महिला एक्स-रे कराने पहुंची, तो वहां तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों ने नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से ₹100 की डिमांड की. महिला बेहद गरीब थी और उस समय पैसे देने की स्थिति में नहीं थी, साथ ही वह दिमागी रूप से भी थोड़ी कमजोर बताई जा रही है. उसकी इसी मजबूरी का फायदा उठाकर कर्मचारियों ने उसके सामने एक बेहद घिनौनी डिमांड रख दी. लाचार होकर महिला को उनके सामने अपना जिस्म परोसना पड़ा. दरिंदगी की हद तो तब हो गई जब उन कर्मचारियों ने इस पूरे कृत्य का वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब इंटरनेट पर लीक हो गया है.
अधिकारियों के गोलमोल जवाब, NGO पर फोड़ा ठीकरा
इस मामले पर जब राजापाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. उपाध्याय से बात की गई, तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा, “देखिए, इस तरह की कोई लिखित शिकायत हमारे पास नहीं आई है. मैं साल 2023 से यहां तैनात हूं, लेकिन ऐसा कोई बड़ा मामला सामने नहीं आया. वैसे तो छोटे-मोटे विवाद आते रहते हैं. यह वीडियो काफी पुराना लग रहा है, इसकी गहन जांच करानी होगी कि यह कब और कहां बनाया गया और किसने इसे वायरल किया.”
वहीं, वैशाली के सिविल सर्जन श्याम नंदन प्रसाद ने गोलमोल जवाब देते हुए कहा, “मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है. हमें यह पता लगाना है कि यह वीडियो राजापाकर का ही है या कहीं और का है. अस्पताल में एक्स-रे का काम एक एनजीओ (NGO) के जरिए आउटसोर्सिंग पर कराया जाता है. वहां के किसी स्टाफ या प्रभारी डॉक्टर ने हमें पहले इसकी सूचना नहीं दी थी.”
जांच टीम की अधिकारी डॉ. गुड़िया कुमारी ने बताया, “हम लोग सिविल सर्जन के आदेश पर इस सेक्स कांड की हकीकत जानने अस्पताल आए हैं. जो भी साक्ष्य, गवाह या बातें सामने आई हैं, उसकी पूरी लिखित विस्तृत रिपोर्ट हम अगले 24 घंटे के भीतर यानी कल की तारीख में सिविल सर्जन को सौंप देंगे.”
बिहार की महिला नेत्रियों में भारी आक्रोश, कार्रवाई की मांग
इस शर्मनाक घटना के बाद बिहार की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों की महिला नेत्रियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और नीतीश सरकार की कानून-व्यवस्था को कटघरे में खड़ा किया है:
वर्षा कुमारी (प्रदेश महासचिव, लोजपा-R): “मैंने भी इस वीडियो को देखा है, यह बेहद आपत्तिजनक और विचलित करने वाला है. सरकारी अस्पतालों में गरीब महिलाएं भरोसे के साथ इलाज कराने जाती हैं. अगर वहां इस तरह के घिनौने कांड होंगे, तो कोई महिला खुद को सुरक्षित कैसे समझेगी? हमारी मांग है कि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए.”
सुचित्रा कुमारी (महिला जिला अध्यक्ष, राजद वैशाली): “सरकार स्वास्थ्य सेवाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करने का ढिंढोरा पीटती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अस्पताल के अंदर ही महिलाओं की अस्मत सुरक्षित नहीं है. इस घटना के बाद महिला का परिवार और वह खुद किस मानसिक प्रताड़ना से गुजर रही होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. हम सरकार से स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग करते हैं.”
प्रतिमा कुमारी दास (स्थानीय पूर्व विधायक, कांग्रेस): “यह बेहद शर्मनाक और दुखद घटना है, इसकी जितनी निंदा की जाए कम है. स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे सरकारी संस्थानों से ऐसे वीडियो आना पूरी व्यवस्था के फेल होने का प्रमाण है. मैं इस बेहद गंभीर मामले में बिहार के स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखकर सीधे हस्तक्षेप करने की मांग कर रही हूं. अगर सरकारी अस्पतालों में ऐसा होगा, तो गरीब जनता कहां जाएगी?”
उठ रहे हैं कई तीखे सवाल: कब जागेगा स्वास्थ्य महकमा?
भले ही वैशाली और राजापाकर के स्वास्थ्य अधिकारी इस कांड से अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन ‘भारत एक्सप्रेस’ प्रशासन से कुछ तीखे सवाल पूछता है:
- सरकारी अस्पताल के संवेदनशील एक्स-रे रूम में लंबे समय तक यह कुकर्म कैसे चलता रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी?
- क्या उस मजबूर महिला का वीडियो बनाकर स्वास्थ्य कर्मचारी उसे लंबे समय से ब्लैकमेल कर रहे थे?
- इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने के पीछे का मुख्य मकसद क्या था?
- क्या इस घिनौने रैकेट में अस्पताल के कुछ अन्य वरिष्ठ मेडिकल स्टाफ और एनजीओ के अधिकारी भी शामिल हैं?
अब देखना बेहद लाजिमी होगा कि क्या बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार इस अमानवीय और शर्मनाक कांड पर संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ कोई सख्त और ऐतिहासिक एक्शन लेते हैं, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा.
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