बिहार की राजनीति में अपराध का असर! (AI जनरेटेड इमेज)
Bihar Politics: बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त के साथ खुलेआम बदसलूकी की गई. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और लोगों में भारी नाराज़गी फैल गई. लेकिन जब जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और मंत्री श्रवण कुमार ने इसे ‘छिटपुट घटना’ बताया, तो जनता का गुस्सा और भड़क गया.
नेताओं को क्यों आम लगती हैं घटनाएं?
लोगों का सवाल है कि जिस घटना ने पूरे राज्य को हिला दिया, उसे नेताओं ने हल्का क्यों बताया. इसका जवाब बिहार की राजनीति में छिपा है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और बिहार इलेक्शन वॉच के आंकड़े बताते हैं कि राज्य के बड़े हिस्से के विधायक और मंत्री खुद आपराधिक मामलों में फंसे हुए हैं.
कितने विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज?
243 विजेता उम्मीदवारों में से 130 यानी 53% ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं. इनमें 102 यानी 42% ने गंभीर आपराधिक मामले बताए हैं. 19 विधायकों पर हत्या के प्रयास (IPC 307) और 6 पर हत्या (IPC 302) के केस दर्ज हैं. 9 विधायकों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामले घोषित किए हैं.
मंत्रियों पर केस
31 मंत्रियों में से 15 यानी 48% ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं. इनमें 9 मंत्री गंभीर मामलों में फंसे हैं. यानी लगभग हर तीसरे मंत्री पर गंभीर अपराध का केस दर्ज है.
पार्टियों का हाल
AIMIM, CPI(ML), CPI(M), इंडियन इंक्लूसिव पार्टी और बसपा के सभी विजेता उम्मीदवारों पर केस हैं.
RJD के 72%, कांग्रेस के 67%, भाजपा के 61%, LJP (राम विलास) के 58%, JD(U) के 36%, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के 25% और HAM(S) के 20% विजेताओं पर आपराधिक मामले दर्ज हैं.
गंभीर मामलों में CPI(M), इंडियन इंक्लूसिव पार्टी और बसपा के सभी विजेता शामिल हैं. AIMIM के 80%, RJD के 56%, LJP (राम विलास) के 53%, कांग्रेस और CPI(ML) के 50%, भाजपा के 48% और JD(U) के 27% विजेताओं पर गंभीर केस हैं.
मंत्रियों के खिलाफ दर्ज धाराएं
- मंगल पांडेय (BJP)- हत्या का प्रयास, महिला अपराध, दंगा, धमकी और धार्मिक वैमनस्य फैलाने के आरोप.
- मो. जमा खान (JD(U))- गंभीर चोट, सरकारी कर्मचारी पर हमला, दंगा और मारपीट.
- नितिन नवीन (BJP)- दंगा, सरकारी आदेश की अवहेलना, धमकी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान.
- सम्राट चौधरी (BJP)- गंभीर चोट, चुनाव अपराध और दंगा.
- संजय कुमार सिंह (LJP)- धोखाधड़ी और धमकी.
- राम कृपाल यादव (BJP)- दंगा, मारपीट और गंभीर चोट.
- अरुण शंकर प्रसाद (BJP)- चुनाव अपराध और आदेश की अवहेलना.
- संजय कुमार (LJP)- गैरकानूनी सभा और सरकारी कर्मचारी पर हमला.
- संतोष कुमार सुमन (HAM)- गंभीर चोट, दंगा, धमकी और महिला अपराध.
- मिथिलेश तिवारी (BJP)- धोखाधड़ी, जालसाजी और चुनाव अपराध.
- श्रीभगवान सिंह कुशवाहा (JD(U))- हत्या, हत्या का प्रयास और आपराधिक साजिश.
किनते प्रतिशत मंत्री करोड़पती हैं?
31 मंत्रियों में से 28 यानी 90% करोड़पति हैं. इनकी औसत संपत्ति 6.32 करोड़ रुपये है. बीजेपी की रमा निषाद ने 31.86 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की, जबकि LJP के संजय कुमार ने 22.30 लाख रुपये बताई. शिक्षा के मामले में 26% मंत्रियों ने सिर्फ 10वीं या 12वीं तक पढ़ाई की है.
कितनी है विधायकों की संपत्ति?
243 विजेताओं में से 218 यानी 90% करोड़पति हैं. सभी की घोषित संपत्ति का कुल मूल्य 2,192.93 करोड़ रुपये है. औसत संपत्ति 9.02 करोड़ रुपये रही. शिक्षा के मामले में 35% विधायकों ने अपनी पढ़ाई 5वीं से 12वीं के बीच बताई है.
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जमुई कांड ने बिहार की राजनीति और अपराध के रिश्ते को फिर उजागर कर दिया है. जब आधे से ज्यादा विधायक और मंत्री खुद आपराधिक मामलों में फंसे हों, तो जनता की सुरक्षा और न्याय पर सवाल उठना लाजमी है. यही वजह है कि नेताओं को गंभीर घटनाएं भी ‘छिटपुट’ लगती हैं.
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