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लालू यादव की आलोचना से तिलमिलाई रोहिणी आचार्या, कहा- सीएम सम्राट चौधरी के साथ याददाश्त की दिक्कत

बिहार विधानसभा के विशेष सत्र में नई सरकार ने विश्वासमत हासिल कर लिया, जिसके बाद राज्य की राजनीति में बयानबाज़ी तेज हो गई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के भाषण पर लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी.

बिहार विधानसभा के विशेष सत्र में आज (शुक्रवार) का दिन राजनीतिक हलचल से भरा रहा. नई सरकार ने सदन में विश्वासमत हासिल कर लिया, लेकिन इसके तुरंत बाद सियासी बयानबाज़ी ने माहौल को और गर्म कर दिया. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में अपने भाषण के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और उसके प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर हमला किया.

लालू यादव की बेटी और हाल ही में सारण लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुकीं रोहिणी आचार्या ने मुख्यमंत्री के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट लिखते हुए सीएम सम्राट चौधरी को सीधे निशाने पर लिया और कई सवाल उठाया.

रोहिणी ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की बातों में बार-बार विरोधाभास दिखाई देता है और कभी-कभी ऐसा लगता है जैसे उनकी याददाश्त ही गड़बड़ा जाती है. उन्होंने यह भी सवाल किया कि जब मुख्यमंत्री कहते हैं कि उन्हें 14 करोड़ बिहारवासियों का समर्थन प्राप्त है, तो क्या इसका मतलब यह है कि राज्य में इतने ही वोटर हैं?

भाषण और दावों पर सवाल

अपने पोस्ट में रोहिणी आचार्या ने मुख्यमंत्री के भाषण के उन हिस्सों पर भी टिप्पणी की, जहां उन्होंने अपनी उम्र और शैक्षणिक योग्यता का जिक्र किया था. रोहिणी का कहना था कि सीएम ने इन मुद्दों पर बात तो की, लेकिन अपने दावों को साबित करने के लिए कोई ठोस या तथ्यात्मक आधार नहीं रखा.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपने राजनीतिक सफर और सत्ता तक पहुंचने की कहानी को अलग-अलग तरीके से पेश करते हैं, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं.

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और पुराने बयान

रोहिणी ने अपने बयान में यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पहले भी लालू यादव को लेकर कई सख्त टिप्पणियां कर चुके हैं, जबकि खुद भाजपा और उसके नेता यह कहते रहे हैं कि न्यायिक प्रक्रिया अपने नियमों से चलती है, किसी के इशारे से नहीं.

इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री के पुराने राजनीतिक फैसलों और नीतीश कुमार से जुड़े बयानों की भी याद दिलाई. रोहिणी का कहना था कि सत्ता और नेतृत्व को लेकर जो दावे किए जाते हैं, वे समय-समय पर बदलते नजर आते हैं.

रोहिणी आचार्या ने अपने पोस्ट के अंत में यह भी लिखा कि सत्ता किसी की निजी संपत्ति नहीं होती, बल्कि जनता के जनादेश से तय होती है. हालांकि उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि मौजूदा मुख्यमंत्री को जनता के सीधे वोट से चुना गया चेहरा नहीं माना जाता, और यह बात भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बनी हुई है.

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-भारत एक्सप्रेस



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