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सीएम के काफिले से पहले कर्मचारियों ने ‘मग और बाल्टी’ से चमकाई बिकानेर की सड़क; देखें वीडियो

Bikaner Waterlogging Video: राजस्थान के बीकानेर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दौरे से ठीक पहले प्रशासन के विकास दावों की हवा निकल गई. VVIP काफिले के लिए सड़क का जलभराव हटाने के लिए मशीनों की जगह कर्मचारियों को मग और बाल्टियां देकर गंदे पानी में उतार दिया गया.

Bikaner waterlogging VIDEO CM Bhajanlal Sharma

Bikaner Waterlogging Video: बिकानेर/साहिल: राजस्थान में विकास, स्मार्ट सिटी और हाईटेक मशीनों के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के मुंह पर करारा तमाचा जड़ रही है. बीकानेर (Bikaner) से एक ऐसी हैरान करने वाली और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे प्रशासनिक अमले की कलई खोल कर रख दी है. शुक्रवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajanlal Sharma) बीकानेर आ रहे हैं. उनके VVIP काफिले को गुजरने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए प्रशासन ने सड़क का जलभराव हटाने का जो ‘देसी जुगाड़’ निकाला है, उसे देखकर हर कोई सन्न है.

मशीनें नदारद, मग और बाल्टी से सफाई

घटना बीकानेर के चुंगी चौकी क्षेत्र की है. बुधवार को हुई बारिश के बाद मुख्य मार्ग के किनारे भारी मात्रा में गंदा पानी जमा हो गया था. इसी रास्ते से मुख्यमंत्री का काफिला गुजरना है. आनन-फानन में सड़क चमकाने में जुटे प्रशासन ने जल निकासी के लिए पंप या मशीनों का इस्तेमाल करने के बजाय 5-6 कर्मचारियों को सीधे उस बदबूदार और गंदे पानी में उतार दिया. चौंकाने वाली बात यह रही कि ये कर्मचारी प्लास्टिक के ‘मग और बाल्टियों’ के सहारे हाथ से पानी उलीचते नजर आए. दो कर्मचारी गंदे पानी में बैठकर मग से बाल्टी भर रहे थे और बाकी उसे सड़क के पार नाले में डाल रहे थे.

VVIP कल्चर और खोखले दावों का ‘गंदा सच’

यह तस्वीर साफ दिखाती है कि जब कोई VVIP शहर में आता है, तो रातों-रात व्यवस्था चमकाने का दिखावा कैसे किया जाता है. एक तरफ प्रशासन करोड़ों रुपये खर्च कर आधुनिक मशीनों से जलभराव से निपटने के दावे करता है, लेकिन जब CM के दौरे से ठीक पहले सड़क का पानी हटाने की नौबत आती है, तो मशीनें गायब हो जाती हैं और कर्मचारियों को ‘मग’ थमा दिया जाता है.

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तो आम आदमी का क्या हाल होगा?

बीकानेर से आई इस तस्वीर ने सबसे बड़ा और वाजिब सवाल यह खड़ा कर दिया है कि जब सूबे के मुखिया (मुख्यमंत्री) के दौरे पर सड़क का पानी हटाने के लिए मशीनें उपलब्ध नहीं हैं और हाथ से पानी निकालना पड़ रहा है, तो बारिश के आम दिनों में इस शहर की जनता जलभराव की समस्या से कैसे जूझती होगी? यह घटना न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही का सबूत है, बल्कि उस सिस्टम पर भी तमाचा है जो कागजों में तो ‘हाईटेक’ है, लेकिन असलियत में आज भी ‘मग और बाल्टी’ के युग में जी रहा है.



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