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एआई से लेकर डिजिटल लाइब्रेरी तक..! पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण में उतरा बिम्सटेक, गोवा में बना मास्टरप्लान

गोवा में भारत समेत BIMSTEC के 7 देशों ने पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान, जैविक संसाधनों और बौद्धिक संपदा की सुरक्षा पर मंथन किया. सम्मेलन में AI आधारित डिजिटल डेटाबेस को मजबूत करने पर जोर दिया गया.

BIMSTEC

गोवा में पारंपरिक चिकित्सा सम्मेलन का ग्रुप फोटो

BIMSTEC Traditional Medicine Conference: भारत की मेजबानी में गोवा की धरती पर दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्व एशिया के सात प्रमुख देशों ने अपनी सदियों पुरानी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों, जड़ी-बूटियों और समुदाय-आधारित ज्ञान की सुरक्षा के लिए एक बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया है. दरसल भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा आयोजित और अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) गोवा द्वारा संचालित ‘पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान, आनुवंशिक संसाधनों और बौद्धिक संपदा अधिकारों पर तीसरे बिम्सटेक सम्मेलन’ का भव्य शुभारंभ हुआ.

बता दें कि दो दिवसीय इस महासम्मेलन में भारत, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के दिग्गजों ने हिस्सा लेकर साफ कर दिया है कि अब बिम्सटेक क्षेत्र के ज्ञान की चोरी यानी बायोपायरेसी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

पीएम मोदी का बैंकॉक विज़न और गोवा में एक्शन

सम्मेलन के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती मोनालिसा दास ने बिम्सटेक टास्क फोर्स फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन (BTFTM) की केंद्रीय भूमिका पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन अनुसंधान, शिक्षा, मानकीकरण और नियामक सहयोग को नई दिशा देगा.

इसी दौरान उन्होंने अप्रैल 2025 में बैंकॉक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित ‘बिम्सटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन ट्रेडिशनल मेडिसिन’ की याद दिलाई, जो क्षेत्र में शोध और ज्ञान के आदान-प्रदान का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रहा है.

न्यायसंगत लाभ-साझेदारी पर फोकस(BIMSTEC Traditional Medicine Conference)

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के निदेशक प्रो. वैद्य पी.के. प्रजापति ने जोर देकर कहा कि बिम्सटेक क्षेत्र दुनिया की सबसे समृद्ध जैविक विरासत और सामुदायिक ज्ञान का केंद्र है. सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा कानूनी व रणनीतिक ढांचा तैयार करना है, जो वैज्ञानिक नवाचारों को बढ़ावा देने के साथ-साथ ‘पूर्व सूचित सहमति’ और ‘न्यायसंगत लाभ-साझेदारी’ के नियमों को सख्ती से लागू करे. इससे स्थानीय समुदायों के पारंपरिक अधिकारों का व्यावसायिक शोषण नहीं हो सकेगा.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से सजेगा सुरक्षा कवच

तकनीकी सत्रों में भारत के क्रांतिकारी पारंपरिक ज्ञान डिजिटल पुस्तकालय (TKDL) मॉडल पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय आयुर्वेद के पेटेंट चोरी के प्रयासों को नाकाम किया है. अब इसी तर्ज पर पूरे बिम्सटेक क्षेत्र में नियंत्रित पहुंच वाले दस्तावेजीकरण और डिजिटल डेटाबेस की तैयारी है.

इसके अलावा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के इस्तेमाल, डेटा प्रबंधन, और विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) व WHO की वैश्विक पहलों के साथ समन्वय बैठाने पर सहमति (BIMSTEC Traditional Medicine Conference) बनी.

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7 देशों का साझा संकल्प: जन-स्वास्थ्य और भावी पीढ़ियों की सुरक्षा

बिम्सटेक के निदेशक कदिरकामु कंदासामी योगनादन ने कहा कि इस क्षेत्रीय सहयोग का अंतिम लक्ष्य आम लोगों के स्वास्थ्य में सुधार लाना और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को सुरक्षित रखकर भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना है. बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका, थाईलैंड और भारत के प्रतिनिधियों ने अपनी राष्ट्रीय नीतियों और अनुभवों को साझा किया, ताकि पूरे क्षेत्र के लिए एक सर्वमान्य कानूनी नीति बनाई जा सके.

-भारत एक्सप्रेस

 



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