भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन
BJP State Incharges: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संगठन को नई धार देने के लिए प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नई टीम का ऐलान कर दिया है. इस नए संगठनात्मक पुनर्गठन में सबसे ऐतिहासिक और उल्लेखनीय पहलू महिलाओं की रिकॉर्ड भागीदारी है. पार्टी ने अपनी नई राज्य प्रभारी टीम में 21 महिला नेताओं को प्रमुख जिम्मेदारियां सौंपी हैं, जिससे पूरी टीम में महिला नेतृत्व का प्रतिनिधित्व बढ़कर लगभग 33 प्रतिशत पहुंच गया है.
‘नारी शक्ति वंदन’ का संगठन में सीधा असर
भाजपा लगातार सार्वजनिक जीवन और चुनावी राजनीति में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने की वकालत करती रही है. संसद से पारित ऐतिहासिक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का वैधानिक रास्ता साफ हुआ है. अब पार्टी ने चुनावी निकायों से पहले अपने संगठन के सर्वोच्च निर्णयकारी ढांचे और राज्य समन्वय तंत्र में 33 प्रतिशत भागीदारी देकर एक मिसाल पेश की है.
महिला मोर्चा से आगे, सीधे मुख्यधारा की कमान
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार भाजपा ने महिला नेताओं को सिर्फ पार्टी के ‘महिला मोर्चा’ या सहायक प्रकोष्ठों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें मुख्य संगठनात्मक कमान सौंपी है. राज्य प्रभारी और सह-प्रभारी केंद्रीय नेतृत्व और प्रांतीय इकाइयों के बीच की सबसे अहम धुरी होते हैं.
सूची में शामिल 21 महिला नेताओं को विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बूथ स्तर तक नेटवर्क मजबूत करने, संगठनात्मक समीक्षा करने, प्रांतीय नेताओं में आपसी समन्वय साधने और भावी चुनावी रणनीतियों को धरातल पर उतारने का सीधा जिम्मा सौंपा गया है.
आगामी विधानसभा और आम चुनावों की पुख्ता तैयारी
देश के कई अहम राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों और संगठनात्मक पुनर्गठन को देखते हुए यह कदम बेहद रणनीतिक माना जा रहा है. नए प्रभारी और सह-प्रभारी केंद्रीय नेतृत्व और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच सेतु बनकर काम करेंगे. आधी आबादी को नीतिगत फैसलों और चुनावी प्रबंधन में आगे लाकर भाजपा ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी में अब महिलाएं केवल मतदाता या समर्थक नहीं, बल्कि संगठन को दिशा देने वाली रणनीतिकार की भूमिका में हैं.
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