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कांग्रेस को कमजोर करके भाजपा से नहीं लड़ा जा सकता: अजय माकन

कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा कि दिल्ली में आप के साथ गठबंधन करने से कांग्रेस को नुकसान हुआ और भाजपा को फायदा पहुंचा. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को कमजोर करके भाजपा से नहीं लड़ा जा सकता.

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कांग्रेस नेता अजय माकन

Prashant Rai Edited by Prashant Rai

कांग्रेस नेता अजय माकन ने राजधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) की राजनीति और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के फायदे पर सीधा निशाना साधा है. कांग्रेस के नए मुख्यालय पर आयोजित पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में माकन ने खुलकर कहा कि 2013 में AAP को समर्थन देना कांग्रेस की भूल थी, जिसका खामियाजा दिल्ली और देश दोनों ने उठाया.

माकन ने केजरीवाल सरकार को भाजपा के लिए “परोक्ष मददगार” करार देते हुए कहा, “जब से आप (AAP) सत्ता में आई है, भाजपा ने दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों पर कब्जा कर लिया है. इससे साफ है कि दिल्ली में कांग्रेस को कमजोर करना, भाजपा को मजबूत करने जैसा है.”

माकन ने कहा, “मुझे यह भी लगता है कि 2013 में कांग्रेस द्वारा आप (AAP) को समर्थन नहीं देना चाहिए था और न ही 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए कोई गठबंधन होना चाहिए. लेकिन यह मेरी व्यक्तिगत राय है,” अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के कोषाध्यक्ष ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा.

नए कांग्रेस मुख्यालय, कोटला रोड पर आयोजित पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में माकन, जो दिल्ली के निवासी हैं और यहीं राजनीति में सक्रिय रहे हैं (तीन बार के विधायक और दो बार के लोक सभा संसद भी रहे हैं), ने स्पष्ट किया कि वे अपनी पहले की टिप्पणी पर अब भी कायम हैं. उन्होंने पहले कहा था कि केजरीवाल “राष्ट्र-विरोधी” हैं और राजधानी में आप (AAP) का मजबूत होना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ही फायदा पहुंचाता है.

जब उनसे केजरीवाल के खिलाफ “राष्ट्र-विरोधी” टिप्पणी पर सवाल किया गया, तो माकन ने कहा, “मैंने अपनी व्यक्तिगत राय दी थी और मैं अब भी उस पर कायम हूं.”

दिल्ली की जनता को उठाना पड़ा नुकसान

माकन ने कहा कि 2013 में आम आदमी पार्टी (AAP) को कांग्रेस के समर्थन और 2024 में केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी के साथ गठबंधन के कारण दिल्ली की जनता को नुकसान उठाना पड़ा. “जब दिल्ली की जनता को नुकसान हुआ, तो भाजपा को फायदा हुआ.” उन्होंने कहा.

यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस भविष्य में आप (AAP) के साथ गठबंधन करेगी, माकन ने कहा, “मुझे लगता है कि दिल्ली में केजरीवाल को बढ़ावा देना भाजपा को मदद करता है. भाजपा से लड़ने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस का मजबूत होना बेहद जरूरी है.”

उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत नहीं है, तो भाजपा के खिलाफ लड़ाई कठिन हो जाएगी. “कांग्रेस को कमजोर करके भाजपा से नहीं लड़ा जा सकता,” उन्होंने स्पष्ट किया.

दिल्ली राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य

दिल्ली को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य करार देते हुए माकन ने कहा कि यह सर्वविदित है कि जो भी पार्टी राजधानी की लोकसभा सीटें जीतती है, वही केंद्र में सरकार बनाने में सफल होती है. “आप (AAP) दिल्ली में भाजपा के खिलाफ लड़ने में पूरी तरह विफल रही है,” उन्होंने दावा किया.

माकन ने बताया कि हरियाणा और दिल्ली दोनों में कांग्रेस आप (AAP) के साथ गठबंधन करना चाहती थी. लेकिन जेल से बाहर आने के तुरंत बाद केजरीवाल ने खुद घोषणा की कि उनकी पार्टी हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि “हम गठबंधन पर चर्चा के उन्नत चरण में थे.”

उन्होंने कहा, “जहाँ तक दिल्ली का सवाल है, केजरीवाल ने खुद लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद घोषणा की कि वे दिल्ली का चुनाव अकेले लड़ेंगे.”

माकन ने कहा कि जब दिल्ली में कांग्रेस की सरकार थी, जिसे मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने नेतृत्व दिया, तब पार्टी ने राजधानी की सभी सात लोकसभा सीटें जीतीं और भाजपा को यहाँ पराजित किया. उन्होंने कहा, “दिल्ली में उन्हें रोककर, हमने उन्हें केंद्र में सत्ता में आने से भी रोका क्योंकि जो भी दिल्ली की लोकसभा सीटें जीतता है, वही राष्ट्रीय स्तर पर सरकार बनाता है.”

“लेकिन जब से आप (AAP) दिल्ली में सत्ता में आई है, स्थिति उलट गई है.

भाजपा केंद्र में सरकार बना रही है क्योंकि उसने सभी सात लोकसभा सीटें जीती हैं- तो फिर भाजपा के साथ कौन है?” माकन ने सवाल उठाया.


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-भारत एक्सप्रेस



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