आज (सोमवार) को जैसे ही भारतीय चुनाव आयोग के शुरुआती रुझान सामने आए, पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई. इन रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बढ़त मिलती दिखी, जिसके बाद पार्टी के कई बड़े नेताओं ने खुलकर अपनी उम्मीदें जतानी शुरू कर दीं. भाजपा के भीतर यह चर्चा तेज हो गई कि अगर यही रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह पहली बार होगा जब पार्टी पश्चिम बंगाल में अपनी सरकार बनाएगी.
पश्चिम बंगाल का राजनीतिक और ऐतिहासिक महत्व भी कम नहीं है. यही वह राज्य है जहां भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म हुआ था. भाजपा खुद को उसी जनसंघ की राजनीतिक विरासत मानती है, इसलिए यहां जीत को पार्टी एक बड़े प्रतीकात्मक बदलाव के तौर पर देख रही है.
भाजपा सांसद विनोद तावड़े ने इन रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बंगाल में भाजपा की जीत सिर्फ एक राज्य की जीत नहीं होगी, बल्कि इसका असर पूरे देश पर पड़ेगा. उनके मुताबिक, यह परिणाम देश की सुरक्षा के लिहाज से भी अहम है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर बंगाल में सत्ता बदलती है, तो देश की राजनीति में भी नए बदलाव देखने को मिलेंगे.
तावड़े ने तुष्टीकरण की राजनीति पर भी निशाना साधा. उनका कहना था कि अब इस तरह की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं बची है. उन्होंने दावा किया कि बंगाल की जनता ने यह साफ कर दिया है कि सिर्फ वादों के भरोसे चुनाव नहीं जीते जा सकते.
चुनावी हिंसा पर उठाया सवाल
पश्चिम बंगाल लंबे समय से चुनावी हिंसा को लेकर चर्चा में रहा है. इस मुद्दे पर तावड़े ने कहा कि पिछले कई सालों में शायद ही कोई चुनाव बिना हिंसा के हुआ हो. लेकिन इस बार हालात कुछ अलग नजर आए. उनके मुताबिक, इस बदलाव से न सिर्फ बंगाल बल्कि पूरे देश में एक सकारात्मक संदेश गया है.
‘विकसित भारत 2027’ की ओर कदम
तावड़े ने आगे कहा कि अगर असम, बंगाल और पुडुचेरी में भाजपा की सरकार बनती है, तो देश के 25 राज्यों में पार्टी की मौजूदगी हो जाएगी. इसे उन्होंने ‘विकसित भारत 2027’ की दिशा में एक मजबूत कदम बताया है.
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने भी इन रुझानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनता के भरोसे का संकेत बताया. उनका कहना था कि लोगों ने पीएम मोदी को इसलिए समर्थन दिया है ताकि वे गरीबों के लिए काम जारी रख सकें और देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें.
चुघ ने ममता बनर्जी की सरकार पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि ‘मां, मानुष और माटी’ जैसे नारे के बावजूद इन तीनों को ही सबसे ज्यादा तकलीफ झेलनी पड़ी. उनके अनुसार, राज्य में लोगों ने अत्याचार सहे और हालात काफी कठिन रहे.
विपक्ष पर भी साधा निशाना
चुनावी रुझानों में कांग्रेस के पीछे रहने का जिक्र करते हुए चुघ ने विपक्ष पर भी तंज कसा है. उन्होंने कहा कि ये नतीजे दिखाते हैं कि जनता का भरोसा अब किसके साथ है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में भी विपक्ष को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


