Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

भगवामय हुआ भारत का भूगोल! 7 से 21 राज्यों तक का ‘महा-सफर’; BJP की बंगाल जीत ने बदला सियासी नक्शा

पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में जीत के बाद NDA का शासन 21 राज्यों तक पहुंच गया है. 2014 के मुकाबले अब 72% क्षेत्र और 76% आबादी पर राजनीतिक पकड़, विपक्ष सिमटा…

पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में एनडीए की शानदार जीत ने भारत के सियासी नक्शे को पूरी तरह ‘भगवा’ रंग में रंग दिया है. 2014 में जहां भाजपा महज सात राज्यों तक सीमित थी, वहीं 2026 के इन नतीजों के बाद अब एनडीए का शासन 21 राज्यों तक फैल चुका है.

भूगोल के नजरिए से देखें तो अब देश के लगभग 72 प्रतिशत क्षेत्रफल और करीब 76 प्रतिशत आबादी पर भाजपा या उसके सहयोगी दलों का शासन है. यह विस्तार बताता है कि भाजपा अब केवल हिंदी पट्टी की पार्टी नहीं बल्कि पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक एक सर्वव्यापी शक्ति बन चुकी है.

सात राज्यों से 21 तक का ‘महा-सफर’

जब 2014 में नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, तब भाजपा और सहयोगियों की सरकारें सिर्फ 7 राज्यों में थीं और देश की महज 26% आबादी उनके शासन में थी. मार्च 2018 में यह ग्राफ अपने चरम (21 राज्य) पर पहुँचा था, लेकिन बीच में कुछ उतार-चढ़ाव आए.

फरवरी 2025 में दिल्ली की ऐतिहासिक जीत और अब 2026 में पश्चिम बंगाल की ‘महा-विजय’ ने भाजपा को फिर से उसी 21 राज्यों के शिखर पर पहुँचा दिया है. आज राजस्थान जैसे बड़े क्षेत्रफल वाले राज्य से लेकर उत्तर प्रदेश जैसी विशाल आबादी तक, हर जगह एनडीए का परचम लहरा रहा है.

बंगाल जीत ने बदला ‘पूर्वी भारत’ का गणित

पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत ने पूर्वी भारत की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है. असम में ‘हैट्रिक’ और बंगाल में ‘दोहरा शतक’ लगाने के बाद अब पूरा पूर्वी गलियारा भाजपा के प्रभाव में है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बंगाल जैसी ‘कठिन’ मानी जाने वाली रियासत को फतह करना यह संकेत है कि भाजपा अब उन क्षेत्रों में भी अपनी जड़ें जमा चुकी है, जहाँ पहले उसकी मौजूदगी नगण्य थी. यह जीत दक्षिण भारत (तमिलनाडु और केरल) में भी भाजपा की भविष्य की रणनीति को नई ऑक्सीजन देगी.

ये भी पढ़ें- ‘BJP जीती तो कपड़े उतार कर घूमूंगा’! सूफियान भाई का दावा पड़ा उल्टा…TMC की हार के बाद तलाश में निकला सोशल मीडिया

विपक्ष का सिकुड़ता दायरा

एक समय था जब 2014 में कांग्रेस 14 राज्यों में काबिज थी, लेकिन आज वह केवल मुट्ठी भर राज्यों तक सिमट गई है. केरल में यूडीएफ (UDF) की जीत कांग्रेस के लिए एक राहत भरी खबर जरूर है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के बढ़ते ग्राफ के सामने विपक्ष का ‘इंडिया गठबंधन’ काफी कमजोर नजर आ रहा है.

बिहार में एनडीए की वापसी और दिल्ली में 27 साल बाद भाजपा की सरकार बनने ने विपक्षी एकता के दावों की हवा निकाल दी है. अब देश के सियासी नक्शे पर विपक्षी दल केवल कुछ द्वीपों की तरह नजर आ रहे हैं.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital