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अनुभव और नई पीढ़ी का संगम, नितिन नवीन की नई टीम का फॉर्मूला क्या है?

Nitin Nabin Team: बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने 65 सदस्यीय नई राष्ट्रीय टीम का गठन किया है जिसमें पुराने अनुभवी नेताओं को बनाए रखते हुए बड़ी संख्या में नए चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है.

Nitin Nabin Team: बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम का गठन कर दिया है. 65 सदस्यीय इस टीम में पुराने अनुभवी नेताओं को बनाए रखते हुए बड़ी संख्या में नए चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है. खास बात यह है कि राष्ट्रीय सचिवों से लेकर मोर्चों और मीडिया-सोशल मीडिया तक व्यापक फेरबदल किया गया है. औसतन 50 साल की उम्र वाली यह टीम अनुभव और नई पीढ़ी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती दिख रही है.

महिला नेताओं को बड़ी हिस्सेदारी

नई टीम में महिलाओं को भी खास जगह दी गई है. कुल 65 सदस्यों में से 12 महिलाएं शामिल हैं, यानी लगभग 20 फीसदी प्रतिनिधित्व. राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर वसुंधरा राजे, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन दोशी, डॉ. भारती पवार और डॉ. मधुचंद्र कर को जिम्मेदारी मिली है. वहीं स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है. कविता पाटीदार, फांग्नोन कोन्याक और संगीता यादव राष्ट्रीय सचिव बनी हैं. महिला मोर्चा की कमान रूप कुमारी चौधरी को दी गई है, जबकि सोशल मीडिया टीम में प्रीति गांधी को सह-संयोजक बनाया गया है. उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा महिला नेताओं को जिम्मेदारी मिली है.

महामंत्री स्तर पर नए चेहरे

महामंत्री पद पर भी बड़ा बदलाव हुआ है. कुल 8 महामंत्रियों में से 6 नए चेहरे शामिल किए गए हैं. इनमें स्मृति ईरानी, विप्लव देव, सतीश पूनिया, गजेन्द्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया हैं. वहीं सुनील बंसल और विनोद तावड़े को बरकरार रखा गया है. इस तरह संगठन ने नई टीम को आगे लाने के साथ-साथ दो अनुभवी चेहरों को भी बनाए रखा है.

संगठन महामंत्री में स्थिरता

संगठन के सबसे अहम पद पर बी.एल. संतोष को बरकरार रखा गया है. वे राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बने रहेंगे. शिवप्रकाश भी राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री की भूमिका में बने हुए हैं. वहीं सौदान सिंह की सह-संगठन महामंत्री के तौर पर वापसी हुई है. इससे साफ है कि संगठनात्मक निरंतरता को बनाए रखने पर जोर दिया गया है.

सचिव पद पर सबसे बड़ा बदलाव

राष्ट्रीय सचिवों की सूची में सबसे बड़ा फेरबदल देखने को मिला है. कुल 16 राष्ट्रीय सचिव बनाए गए हैं, जिनमें से 14 नए चेहरे हैं. नए सचिवों में कविता पाटीदार, के. सुरेंद्रन, डॉ. भोला सिंह, डॉ. प्रदीप वर्मा, जगदीश ईश्वरभाई पटेल, डॉ. संदीप पाठक, संगीता यादव, डॉ. एम. वेंकटेशन, मनोज तिग्गा, सिद्धार्थ शंभू, डॉ. स्वदेश सिंह, मृगांक देव बर्मन, रोहन गुप्ता और जय प्रकाश शामिल हैं. वहीं फांग्नोन कोन्याक और अनिल एंटनी को बरकरार रखा गया है. यानी सचिव स्तर पर लगभग 87 फीसदी नए चेहरे हैं.

वित्तीय जिम्मेदारी में बदलाव

नई टीम में पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है. उनके साथ राजेश मंगल सह-कोषाध्यक्ष होंगे. राजेश पिछले 12 वर्षों से पार्टी के वित्त विभाग से जुड़े रहे हैं. इस बदलाव के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या पीयूष गोयल का केंद्रीय मंत्री पद बरकरार रहेगा, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है.

तरुण चुघ की नई भूमिका

तरुण चुघ को राष्ट्रीय महामंत्री की भूमिका से हटाकर पार्टी मुख्यालय का प्रभारी बनाया गया है. अब उनकी जिम्मेदारी संगठन के केंद्रीय कार्यालय और संचालन से सीधे जुड़ी होगी.

सातों मोर्चों में नए अध्यक्ष

बीजेपी ने अपने सभी सात मोर्चों के अध्यक्ष बदल दिए हैं. युवा मोर्चा की जिम्मेदारी डॉ. हेमांग जोशी को दी गई है. महिला मोर्चा की कमान रूप कुमारी चौधरी को मिली है. ओबीसी मोर्चा की जिम्मेदारी अमरपाल मौर्य को दी गई है. किसान मोर्चा की कमान बंसीलाल गुर्जर को सौंपी गई है. एससी मोर्चा की जिम्मेदारी शिवेश कुमार राम को दी गई है. एसटी मोर्चा की कमान डॉ. मन्नालाल रावत को दी गई है. वहीं अल्पसंख्यक मोर्चा की जिम्मेदारी कुंवर बासित अली को दी गई है.

मीडिया और सोशल मीडिया में फेरबदल

मीडिया और सोशल मीडिया टीम में भी बड़ा बदलाव किया गया है. अनिल बलूनी को बरकरार रखा गया है लेकिन उनके साथ सह-प्रभारी रहे संजय मयूख को हटाया गया है. उनकी जगह तीन नए सह-संयोजक आशीष अग्रवाल, प्रदीप भंडारी और सिद्धार्थ यादव बनाए गए हैं . सोशल मीडिया में अमित मालवीय की जगह दीपक म्हास्के को संयोजक बनाया गया है. इसके साथ चार नए सह-संयोजक प्रीति गांधी, शिवानंद द्विवेदी, आलोक भट्ट और अरुण यादव को जिम्मेदारी दी गई है.

नई टीम का संदेश

नितिन नवीन की नई टीम का सबसे बड़ा संदेश यह है कि पार्टी ने continuity और generational transition दोनों को साथ लेकर चलने की रणनीति अपनाई है. एक तरफ बी.एल. संतोष, सुनील बंसल और विनोद तावड़े जैसे अनुभवी नेताओं को बनाए रखा गया है तो दूसरी तरफ सचिवों, मोर्चों और सोशल मीडिया में बड़ी संख्या में नए चेहरों को मौका दिया गया है.

ये भी पढ़ें-नितिन नवीन की नई टीम का ऐलान, वसुंधरा राजे को उपाध्यक्ष पद मिला, स्मृति ईरानी को बड़ी जिम्मेदारी

अनुभव और ऊर्जा का मिश्रण

65 सदस्यीय इस टीम में 12 महिलाएं, 16 राष्ट्रीय सचिवों में 14 नए चेहरे, 8 महामंत्रियों में 6 नए चेहरे और सभी 7 मोर्चों में नए अध्यक्ष शामिल हैं. यह आंकड़े बताते हैं कि बीजेपी ने संगठन में व्यापक बदलाव के साथ अनुभव की निरंतरता बनाए रखने की रणनीति अपनाई है. औसतन 50 साल की उम्र वाली यह टीम न पूरी तरह पुरानी है, न पूरी तरह नई, बल्कि अनुभव, युवा ऊर्जा, महिला प्रतिनिधित्व और क्षेत्रीय संतुलन का मिश्रण है.

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-भारत एक्सप्रेस



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