जोधपुर में भारतीय सेना और सिंगापुर सेना के बीच आयोजित द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास ‘बोल्ड कुरुक्षेत्र’ के 14वें संस्करण का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया. यह अभ्यास पूरे एक सप्ताह तक चला, जिसमें दोनों देशों की सेनाओं ने संयुक्त प्रशिक्षण, गहन सामरिक चर्चाएं, अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों की प्रदर्शनी और कंप्यूटर आधारित युद्ध अभ्यास जैसे महत्वपूर्ण चरणों को अंजाम दिया.
सैन्य तकनीक और रणनीति का प्रदर्शन
इस अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के मानदंडों के तहत अभियानगत संचालन की तैयारियों को परखना और बढ़ाना था. दोनों सेनाओं ने मिलकर जटिल परिस्थितियों में कार्य करने की रणनीति बनाई और उसका सफल अभ्यास किया. इससे न सिर्फ सैनिकों के बीच आपसी तालमेल और भरोसा मजबूत हुआ, बल्कि युद्धक परिस्थितियों में त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया देने की क्षमता भी विकसित हुई.
‘बोल्ड कुरुक्षेत्र’ अभ्यास से दोनों देशों की सेनाओं ने एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने, तकनीकी और रणनीतिक समझ को साझा करने और भविष्य के अभियानों में साझा प्रयासों को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं. इस तरह यह अभ्यास भारत और सिंगापुर के बीच रक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मील का पत्थर साबित हुआ.
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भारत एक्सप्रेस
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