Bomb Threat News: गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के जश्न के ठीक बाद बुधवार को देश के कई हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था उस वक्त चरमरा गई, जब एक साथ कई स्कूलों और न्यायालय परिसरों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलीं. हरियाणा, पंजाब (चंडीगढ़), बिहार और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग शहरों में ईमेल के जरिए भेजी गई इन धमकियों ने प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए.
हरियाणा-चंडीगढ़ के स्कूलों में दहशत
गुरुग्राम (साइबर सिटी): बुधवार सुबह जैसे ही बच्चे स्कूल पहुंचे, साइबर सिटी गुरुग्राम के कई नामी निजी स्कूलों को बम से उड़ाने का ईमेल मिला. आनन-फानन में स्कूल प्रबंधन ने छुट्टी घोषित कर दी और बच्चों को घर भेज दिया. पुलिस, बम स्क्वायड, डॉग स्क्वायड और एसडीआरएफ की टीमों ने मोर्चा संभाला, लेकिन सघन तलाशी में कोई विस्फोटक नहीं मिला.
चंडीगढ़: शहर के 5 प्रमुख स्कूलों को निशाना बनाया गया. इनमें सेक्टर-25 का चितकारा इंटरनेशनल स्कूल, सेक्टर-16 का मॉडल स्कूल, सेक्टर-45 का सेंट स्टीफन स्कूल, सेक्टर-35 और सेक्टर-19 के मॉडल स्कूल शामिल हैं. पुलिस ने तुरंत स्कूलों को खाली करवाकर तलाशी ली.
करनाल: सीएम सिटी करनाल में भी कई निजी स्कूलों को इसी तरह के धमकी भरे ईमेल मिले, जिसके बाद पुलिस की टीमें जांच में जुट गईं.
बिहार में कोर्ट धमकी
मुजफ्फरपुर: यहां मामला सबसे गंभीर था. सिविल कोर्ट को केवल बम से नहीं, बल्कि ‘आत्मघाती हमले’ (Suicide Attack) और सिलसिलेवार धमाकों से उड़ाने की धमकी मिली. जिला जज के आदेश पर तुरंत पूरा परिसर खाली कराया गया, जिससे वकीलों और वादकारियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई.
भागलपुर: जजशिप की आधिकारिक ईमेल आईडी पर धमकी दी गई. प्रशासनिक प्रभारी ने पत्र संख्या 50/2026 के तहत डीएम और एसएसपी को सूचित कर एंटी-सैबोटेज और बम स्क्वायड की मांग की.
सीवान: भागलपुर के साथ-साथ सीवान कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद वहां भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया.
छत्तीसगढ़ में भी आया मेल
अंबिकापुर कोर्ट में अलर्ट धमकियों का यह सिलसिला छत्तीसगढ़ तक पहुंचा. अंबिकापुर न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने का ईमेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया. पुलिस ने कोर्ट के अंदर और बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी है और आने-जाने वालों की सघन तलाशी ली जा रही है.
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साइबर सेल एक्टिव फिलहाल, गुरुग्राम और चंडीगढ़ में की गई जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है. पुलिस का मानना है कि यह किसी शरारती तत्व का काम हो सकता है, लेकिन सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है. साइबर सेल की टीमें आईपी एड्रेस (IP Address) के जरिए ईमेल भेजने वालों का पता लगाने में जुटी हैं.
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