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BRICS समिट में परोसी गई 40 हजार रुपये किलो की गुच्छी! जानिए क्यों इतनी खास है यह दुर्लभ मशरूम

BRICS Gala Dinner: शनिवार को आयोजित गाला डिनर में मेहमानों को कई खास भारतीय व्यंजन परोसे गए. इनमें हिमालयी इलाकों में मिलने वाली दुर्लभ गुच्छी मशरूम भी शामिल थी. गुच्छी को देश की सबसे खास और महंगी जंगली मशरूम में गिना जाता है. इसकी कीमत गुणवत्ता और उपलब्धता के आधार पर कई बार 40 हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है.

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BRICS समिट में परोसी गई 40 हजार रुपये किलो की गुच्छी मशरूम

BRICS Gala Dinner: भारत में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में दुनिया के कई बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया. 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुए इस सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों के लिए भारतीय संस्कृति और खान-पान से जुड़ा खास इंतजाम भी किया गया. शनिवार को आयोजित गाला डिनर में मेहमानों को कई खास भारतीय व्यंजन परोसे गए. इनमें हिमालयी इलाकों में मिलने वाली दुर्लभ गुच्छी मशरूम भी शामिल थी.

गुच्छी को देश की सबसे खास और महंगी जंगली मशरूम में गिना जाता है. इसकी कीमत गुणवत्ता और उपलब्धता के आधार पर कई बार 40 हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है. यह मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक रूप से पाई जाती है.

BRICS डिनर में खास अंदाज में परोसी गई गुच्छी

BRICS के गाला डिनर में गुच्छी मशरूम को केसर, किशमिश और मामरा बादाम के साथ तैयार किया गया था. इस खास डिश के जरिए मेहमानों को भारतीय पहाड़ी इलाकों में मिलने वाले पारंपरिक स्वाद से भी रूबरू कराया गया.

गुच्छी की खासियत सिर्फ इसका स्वाद नहीं, बल्कि इसकी दुर्लभता भी है. इसकी व्यावसायिक खेती आम मशरूम की तरह आसानी से नहीं की जाती. यह जंगलों और पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक रूप से उगती है और इसे स्थानीय लोग चुनकर इकट्ठा करते हैं.

कहां मिलती है गुच्छी मशरूम?

गुच्छी मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में मिलती है. इसके उगने के लिए खास मौसम और प्राकृतिक परिस्थितियों की जरूरत होती है. बर्फ पिघलने के बाद मिट्टी में नमी, तापमान और पर्यावरण में होने वाले बदलाव इसके विकास के लिए अनुकूल माने जाते हैं.

यही वजह है कि गुच्छी हर जगह और पूरे साल उपलब्ध नहीं होती. इसे ढूंढने के लिए पहाड़ी जंगलों और दुर्गम इलाकों में जाना पड़ता है. सीमित मौसम और कम उपलब्धता इसकी कीमत बढ़ाने वाली प्रमुख वजहों में शामिल हैं.

क्यों इतनी महंगी होती है गुच्छी?

गुच्छी के महंगे होने के पीछे सबसे बड़ी वजह इसका कम जगहों पर पाया जाना है. यह प्राकृतिक रूप से उगती है और इसकी पैदावार करना बेहद मुश्किल है. इसके अलावा इसे जंगलों से हाथ से चुनकर इकट्ठा किया जाता है.

बाजार में इसकी कीमत इसकी गुणवत्ता, आकार, नमी, उपलब्धता और ताजा या सूखी अवस्था के आधार पर अलग-अलग हो सकती है. अच्छी गुणवत्ता वाली सूखी गुच्छी की कीमत कई बाजारों में करीब 15 हजार से 40 हजार रुपये प्रति किलो तक बताई जाती है. कुछ मामलों में कीमत इससे ज्यादा भी हो सकती है.

पोषक तत्वों से भी भरपूर मानी जाती है

गुच्छी मशरूम को केवल महंगी और स्वादिष्ट ही नहीं होता, इसमें प्रोटीन, डाइटरी फाइबर और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. कुछ रिसर्च में बताया गया है कि इसमें विटामिन डी समेत अन्य पोषक तत्व काफी संख्या में मौजूद है.

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गुच्छी में पोषक तत्वों की मात्रा हर जगह एक जैसी नहीं होती है. यह मशरूम की प्रजाति, उसके प्राकृतिक वातावरण और इस बात पर भी निर्भर कर सकती है कि वह ताजा है या सूखी हुई है. इसलिए इसे पोषक तत्वों वाला एक खास खाद्य जरूर माना जाता है.

-भारत एक्सप्रेस



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