बिहार के बक्सर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी की नजरों को अपनी ओर खींच लिया है. यहां दो महिलाओं ने समाज की पुरानी बंदिशों और लोकलाज की परवाह किए बिना एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला किया और मंदिर में जाकर शादी रचा ली.
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला बक्सर के बगेन गोला थाना क्षेत्र का है. शादी करने वाली इन दो महिलाओं के नाम संध्या देवी और रूबी कुमारी हैं. इस कहानी में सबसे चौंकाने वाला बात यह है कि संध्या देवी पहले से ही शादीशुदा हैं और उनके दो बच्चे भी हैं. इसके बावजूद, संध्या और रूबी के बीच प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि दोनों ने साथ रहने के लिए अपने भविष्य का बड़ा फैसला ले लिया.
मंदिर में निभाईं शादी की सारी रस्में
इन दोनों ने अपनी इस पसंद को सिर्फ बंद कमरों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ इसे सार्वजनिक किया. जानकारी के मुताबिक, दोनों ने पहले स्थानीय अष्टभुजी मंदिर में जाकर एक-दूसरे को स्वीकार किया और फिर रामेश्वर नाथ मंदिर पहुंचकर शादी की सभी जरूरी रस्में पूरी कीं. मंदिर में जब यह शादी हो रही थी, तो वहां मौजूद लोग भी इस नजारे को देखकर दंग रह गए.
जैसे ही यह खबर फैली, पूरे इलाके में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. बिहार के ग्रामीण इलाकों में समलैंगिक रिश्तों को लेकर आज भी लोग सहज नहीं हैं, ऐसे में एक शादीशुदा महिला का दूसरी महिला से शादी करना लोगों के लिए किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. सोशल मीडिया पर भी लोग इसे ‘अजब प्रेम की गजब कहानी’ बता रहे हैं.
आखिर क्या है सामाजिक और कानूनी पहलू?
हालांकि कानून की नजर में दो वयस्कों का आपसी सहमति से साथ रहना अब अपराध नहीं है, लेकिन सामाजिक दृष्टि से देखें तो संध्या और रूबी की राह इतनी आसान होने वाली नहीं है. खासकर संध्या के बच्चों और उनके पिछले वैवाहिक जीवन को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. फिलहाल, दोनों अपने फैसले पर अडिग हैं और एक-दूसरे के साथ रहने की कसमें खा चुकी हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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